सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत गुलाबबाग जीरो माइल स्थित रेड लाइट एरिया में मंगलवार दोपहर पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी की। इस संयुक्त अभियान में 19 महिलाओं समेत कुल 23 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस और नया सवेरा एनजीओ की इस साझा कार्रवाई से क्षेत्र में चल रहे कथित देह व्यापार के नेटवर्क पर बड़ा असर पड़ा है और पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
एसडीओ और एसडीपीओ के नेतृत्व में चला अभियान
इस विशेष छापेमारी का नेतृत्व सदर एसडीओ श्वेतम दीक्षित और सदर एसडीपीओ-1 ज्योति शंकर ने किया। अभियान में प्रशिक्षु डीएसपी चित्रा कुमारी, श्रवण कुमार, फणीश्वर नाथ रेणु टीओपी प्रभारी राजनंदनी सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिस बल शामिल थे।
चारों ओर से घेरा, भागने का मौका नहीं मिला
छापेमारी से पहले पुलिस टीम ने पूरे रेड लाइट एरिया को चारों तरफ से घेर लिया, ताकि किसी भी संदिग्ध को भागने का मौका न मिल सके। इसके बाद इलाके के हर घर और संदिग्ध ठिकानों की गहन तलाशी ली गई।अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में अफरातफरी मच गई और कई लोग मौके से भागने की कोशिश करते नजर आए, लेकिन पुलिस ने सभी को पकड़ लिया।
23 लोग हिरासत में, पूछताछ जारी
छापेमारी के दौरान हिरासत में लिए गए सभी 23 लोगों को सदर थाना लाया गया है। वहां महिला पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध नेटवर्क के पीछे मुख्य सरगना कौन है और क्या इसमें मानव तस्करी जैसे गंभीर मामलों की भी संलिप्तता है।
अवैध धंधों पर सख्ती का संदेश
सदर एसडीओ और एसडीपीओ ने संयुक्त रूप से बताया कि इस तरह की गोपनीय और सघन छापेमारी का उद्देश्य क्षेत्र में चल रही अवैध गतिविधियों को पूरी तरह समाप्त करना है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करना भी है।
एनजीओ के सहयोग से आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ पूरी होने के बाद नया सवेरा एनजीओ के सहयोग से आगे की कानूनी प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सूचना देने की अपील, नाम रहेगा गोपनीय
सदर एसडीपीओ ने आम लोगों से अपील की है कि यदि उनके आसपास किसी भी प्रकार की संदिग्ध या अवैध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
अपराध पर लगाम लगाने की रणनीति
पुलिस का मानना है कि इस तरह की नियमित और अचानक की जाने वाली कार्रवाई से अवैध धंधों में लिप्त लोगों के बीच भय का माहौल बनेगा। इससे न केवल अपराध दर में कमी आएगी, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना भी मजबूत होगी।


