जिला मुख्यालय: जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने जिले में चल रही विकास योजनाओं की धीमी प्रगति पर कड़ा रुख अपनाया है। जिला मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में जिला योजना, राज्य योजना और केंद्र पोषित योजनाओं के तहत व्यय प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। साथ ही पच्चीस सूत्रीय कार्यक्रम और प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना की भी समीक्षा की गई।
बैठक में सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2025–26 के मध्य चरण तक जिला योजना के तहत लगभग 79 प्रतिशत बजट ही खर्च हो पाया है, जो अपेक्षित स्तर से कम है।
जिलाधिकारी ने औसत से कम व्यय करने वाले विभागों पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि फरवरी के अंत तक न्यूनतम 90 प्रतिशत व्यय हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही जिन विभागों का व्यय 80 प्रतिशत से कम है, उनसे स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अनुपस्थित रहने वाले एक अधिकारी का वेतन रोकते हुए उससे भी उचित जवाब मांगा गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि योजनाओं की धीमी प्रगति किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने पर जोर दिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि जिला स्तर पर योजना और बजट का समय पर व्यय सुनिश्चित करना विकास कार्यों की गति को तेज करता है और योजनाओं का वास्तविक लाभ जनता तक पहुंचाने में मदद करता है।
जिलाधिकारी भटगांई की यह बैठक प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने और योजनाओं की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने की दिशा में एक स्पष्ट कदम के रूप में देखी जा रही है।


