मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सरकार के विश्वास मत के लिए 24 अप्रैल को बुलाई गई विधानसभा की बैठक में इस बार पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नजर नहीं आएंगे।
सदन में बैठने की व्यवस्था भी बदली रहेगी। सम्राट चौधरी सदन नेता की उस जगह पर बैठेंगे, जहां जीतनराम मांझी के संक्षिप्त मुख्यमंत्रित्व काल को छोड़कर हमेशा नीतीश कुमार नजर आते थे।
ट्रेजरी बेंच की पहली पंक्ति में बैठने के क्रम में भी बदलाव होगा। पहले नीतीश के बगल में सम्राट चौधरी बैठते थे। अब सम्राट के बगल में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी बैठेंगे।
वैसे, विजय चौधरी मंत्री रहते हमेशा पहली कतार में ही बैठे। वे 2015-20 के बीच विधानसभा के अध्यक्ष भी रहे। दूसरे उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव की जगह हमेशा पहली कतार में आरक्षित रही है। वे नीतीश के पहले मंत्रिमंडल से ही उनके साथ हैं।
14वीं विधानसभा की पहली बैठक हुई थी 28 नवंबर को
नीतीश कुमार 20 नवंबर 2005 को मुख्यमंत्री बने। वह 14 वीं विधानसभा थी। उसकी पहली बैठक उसी साल 28 नवंबर को हुई।
अभी 18 वीं विधानसभा चल रही है। इसबीच पांच विधानसभा चुनाव हुए। विधानसभा की कुल 65 बैठकें हुईं। इनमें जीतनराम मांझी के मुख्यमंत्रित्व काल को छोड़ कर नीतीश हरेक बैठक में मुख्यमंत्री के आसन पर बैठे नजर आए।
मांझी के कार्यकाल 20 मई 2014 से 22 फरवरी 2015 तक विधानसभा की तीन बैठकें हुईं। उसमें नीतीश विधानसभा में नहीं आए।
उन दिनों भी विधान परिषद के सदस्य थे। 15 वीं विधानसभा की 16 वीं बैठक 11 मार्च 2015 को हुई तो नीतीश अपनी जगह पर आ गए थे।
पूरे कार्यकाल में छह उप मुख्यमंत्री
नीतीश के पूरे कार्यकाल में छह उप मुख्यमंत्री हुए। इनमें सुशील कुमार मोदी, सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा ही ऐसे हैं, जिन्हें दो बार लगातार उनके साथ उप मुख्यमंत्री के रूप में काम करने का अवसर मिला।
इनमें सम्राट पहले हैं, जो मुख्यमंत्री बने। सदन में अब भी दो उप मुख्यमंत्री बैठेंगे। उनमें विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव होंगे। बिजेंद्र 2005 से लगातार नीतीश मंत्रिमंडल में शामिल रहे हैं।
विजय सिन्हा की सीट पर नजर
दो बार उप मुख्यमंत्री रहे विजय सिन्हा के बैठने की जगह पर भी लोगों की नजर रहेगी। सिन्हा इस विधानसभा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
ट्रेजरी बेंच की पहली कतार मंत्रियों के लिए निर्धारित होती है। लेकिन, विशेष उद्देश्य के लिए बुलाई गई बैठक में विधायकों के बैठने का क्रम बदलता भी है।
पूर्व मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी अभी विधायक हैं। ये दोनों विधायकों की सामान्य सीट पर बैठते हैं।


