इन्फोसिस ने बुधवार को पुणे में अपनी बिजनेस प्रक्रिया प्रबंधन (BPM) फैसिलिटी में काम की जगह पर उत्पीड़न के सोशल मीडिया पर लगे आरोपों को लेकर औपचारिक जवाब दिया। यह सफाई ऐसे समय में आई है जब महाराष्ट्र का IT उद्योग पहले से ही उत्पीड़न को लेकर कड़ी निगरानी में है।
न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, कंपनी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “इन्फोसिस किसी भी तरह के उत्पीड़न या भेदभाव के प्रति जीरो-टॉलरेंस (बिल्कुल बर्दाश्त न करने) का रवैया अपनाती है। रिपोर्ट किए गए किसी भी मामले को गंभीरता से लिया जाता है और एक स्वतंत्र समिति इन आरोपों की जांच करती है।
सोशल मीडिया पर चर्चा के बाद कंपनी ने दी सफाई
मालूम हो कि, इन्फोसिस से जुड़ा यह विवाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट की गई एक सिरीज के बाद सामने आया, जिसमें पुणे में महिला कर्मचारियों के साथ अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया गया था। हालांकि, इस पोस्ट को बाद में हटा दिया गया। बता दें कि, नासिक में मौजूद TCS के खिलाफ उत्पीड़न मामले में पहले से आपराधिक जांच चल रही है, जिसमें काम की जगह पर उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप शामिल हैं।
इसके अलावा कंपनी के अधिकारियों की माने तो काम करने की जगह पर वैश्विक आचार संहिता के अनुरूप नियमों का पालन किया जाता है। वहीं, अगर कोई महिला कर्मचारी शिकायत करती है तो उसे गंभीरता से लिया जाता है और हमारी मजबूत प्रक्रियाओं के अनुसार, एक स्वतंत्र समिति उसकी जांच करती है। इसके साथ ही कर्मचारियों को अपनी किसी भी चिंता की रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।


