किदवई नगर में व्यापार में नुकसान से परेशान चल रहे लोहा कारोबारी ने सोमवार सुबह अपने घर की चौथी मंजिल से छलांग लगा दी। शोर सुनकर दौड़े पड़ोसियों ने स्वजन को घटना की जानकारी दी जिसके बाद वह उन्हें पास के निजी अस्पताल ले गए। जहां से डाक्टरों ने उन्हें रीजेंसी के लिए रेफर कर दिया। गंभीर हालत में स्वजन उन्हें रीजेंसी अस्पताल लाए जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
किदवई नगर ई-ब्लाक में रहने वाले 40 वर्षीय अर्पित जैन लोहा कारोबारी थे। परिवार में पत्नी श्वेता और दो बच्चे द्रव्य और प्रांशु हैं। इसके साथ ही अर्पित के बड़े भाई अंकित और छोटा भाई उदित हैं। स्वजन ने बताया कि एक व्यापार में होने वाले नुकसान को लेकर अर्पित एक माह से परेशान चल रहे थे। सोमवार सुबह वह घर के छत की चौथी मंजिल पर गए और वहां से छलांग लगा दी।
शोर सुनकर दौड़े पड़ोसियों ने स्वजन को जानकारी दी जिसके बाद वह उन्हें पहले मधुलोक अस्पताल ले गए जहां से डाक्टरों ने रीजेंसी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। स्वजन उन्हें रीजेंसी लाए तो डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। किदवई नगर थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार राम ने बताया कि स्वजन ने व्यापार में चल रहे नुकसान को लेकर आत्महत्या करने की बात कही है मामले की जांच की जा रही है।


