सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आवास एवं विकास परिषद की टीम ने 44 अवैध संपत्तियों को सील करने की कार्रवाई बुधवार को शुरू कर दी। सेंट्रल मार्केट में पहुंची टीम की कार्यशैली पर व्यापरियों ने रोष जताया और जमकर विरोध किया।
इस दौरान एक व्यापारी गिरधर बेहोश हो गए। इससे मौके पर मौजूद व्यापारियों का रोष और बढ़ गया। स्वजन में चीख-पुकार मच गई। व्यापारी को उपचार के लिए ले जाया गया। इस दौरान सपा विधायक अतुल प्रधान भी मौजूद थे।
व्यापारी बोले, शीर्ष अदालत में सही तथ्य न रखने से गिरी गाज
उधर एक दिन पूर्व मंगलवार को हुई व्यापारियों की सभा में भी आवास एवं विकास परिषद के अधिकारियों के खिलाफ आक्रोश देखा गया। व्यापारियाें ने कहा कि सही तथ्यों को शीर्ष अदालत के समक्ष ना रखने की वजह से ही व्यापारियों पर यह गाज गिरी है।
संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार ने नई भू उपयोग उपविधि लागू कर राहत दी थी। इसके बाद 80 व्यापारियों को भू उपयोग परिवर्तन की अनुमति देने की प्रक्रिया पूरी की गई। व्यापारियों से शुल्क के रूप में 70 करोड़ की धनराशि जमा कराई गई। इन सब तथ्यों की जानकारी आवास एवं विकास परिषद के अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट को नहीं दी।
इससे उलट 44 भूखंडों में हुए निर्माण को अवैध बताते हुए सूची सौंप दी। उन्होंने कहा कि जो सूची अदालत को सौंपी गई है, उसमें से कई के भू उपयोग परिवर्तन की आवास एवं विकास परिषद पूर्व में दे चुका है। व्यापारियों ने नियमों का पालन करते हुए सेटबैक भी छोड़ दिया है। संयुक्त व्यापार संघ के दूसरे गुट के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने भी नौ अप्रैल को मेरठ बंद का समर्थन देने घोषणा की।
सपा विधायक ने भाजपा के सांसद, विधायक व महापौर पर साधा निशाना
धरनास्थल पर पहुंचे सपा विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि मुश्किल वक्त में सत्ताधारी भाजपा के जनप्रतिनिधियों को व्यापारियों के साथ खड़ा होना चाहिए। मैंने मामले को विधानसभा में उठाया था। उसके बाद सरकार ने राहत देने की घोषणा की लेकिन व्यापारियों के हित में कोई कदम नहीं उठाया। अगर 2027 में सपा की सरकार बनेगी तो व्यापारियों की मदद की जाएगी।
उन्होंने भाजपा सांसद, विधायक और महापौर को व्यापारियों के बीच नहीं पहुंचने पर कठघरे में खड़ा किया। किसान मजदूर संगठन के विजय राघव, जीतू नागपाल ने भी आवास एवं विकास परिषद की कार्यशैली पर सवाल उठाए। संयुक्त व्यापार संघ के संरक्षक अरुण वशिष्ठ, महामंत्री संजय जैन, दलजीत सिंह, जितेंद्र अग्रवाल, मनोज गर्ग, आदित्य सिंह, किशोर वाधवा, अपार मेहरा, तरुण गुप्ता मौजूद रहे।


