सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को हुई बहस के बाद सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों में अफरातफरी की स्थिति है। बाजार में भारी पुलिस बल और अग्निशमन दल के वाहन तैनात हैं। मंगलवार को बाजार की दुकानें सुबह से बंद हैं। दुकानों से सामान निकालने का कार्य चल रहा है।
अरोड़ा गारमेंट के सामने व्यापारियों की बैठक चल रही है। इसके पहले जगह-जगह व्यापारियों से दुकान बंद करने की अपील की गई। व्यापारियों का कहना है सुप्रीम कोर्ट का आदेश अपलोड होने के बाद ही अग्रिम रणनीति की बनाई जाएगी। व्यापारियों ने सुबह सपा विधायक अतुल प्रधान की आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की।सुप्रीम कोर्ट ने शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट प्रकरण में सोमवार को आवासीय भूखंडों पर चल रहे बड़े व्यावसायिक कांप्लेक्स, छह स्कूलों, छह नर्सिंग होम और बैंकों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है। ऐसे 44 प्रतिष्ठानों को सील करने के शीर्ष अदालत के आदेश के बाद व्यापारियों में खलबली मची है। इनमें 91 दुकानें हैं। साप्ताहिक बंदी के बावजूद बड़ी संख्या में व्यापारी सेंट्रल मार्केट में एकत्र हो गए और अपने निर्माण को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। निरीक्षण को पहुंची आवास विकास परिषद की टीम का विरोध भी किया।
अदालत ने स्कूल में पढ़ रहे विद्यार्थियों का दूसरी जगह दाखिला और अस्पतालों में भर्ती मरीजों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट करने के निर्देश राज्य सरकार को दिए हैं। देर रात पांच अस्पतालों में भर्ती 72 मरीजों को मेडिकल कालेज अस्पताल और जिला अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया।
रात में ही व्यापारियों ने दुकानों से सामान हटाना शुरू कर दिया। राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाएं आवासीय भूखंडों पर खुलने पर भी शीर्ष अदालत ने आश्चर्य जताया। कहा कि अगर कोई अनहोनी होती है तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए नौ अप्रैल की तिथि निर्धारित की है।


