पुलिस मुठभेड़ को परिजनों ने बताया फर्जी, भाजपा जिलाध्यक्ष से लगाई न्याय की गुहार। जनपद के जीयनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चकलाल चंद गांव में पुलिस की कार्रवाई को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। बीते 28 मार्च को SOG और पुलिस टीम द्वारा अभिषेक सिंह नामक युवक को मुठभेड़ में गोली मारने की घटना ने अब तूल पकड़ लिया है। परिजनों ने इसे ‘फर्जी एनकाउंटर’ करार देते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
परिजनों के अनुसार, शनिवार को दिनदहाड़े SOG की टीम चकलाल चंद स्थित उनके घर में घुसी और अभिषेक सिंह को जबरन उठाकर ले गई। आरोप है कि शहर कोतवाली पुलिस ने बाद में इस घटना को पुलिस पर फायरिंग का रूप दिया और आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई दिखाते हुए अभिषेक के बाएं पैर में गोली मार दी। परिजनों ने दावा किया कि अभिषेक को घर से उठाया गया था, जबकि पुलिस इसे मुठभेड़ बता रही है।
पुलिस ने अभिषेक पर चोरी और लूट जैसे कई फर्जी मुकदमे लाद दिए हैं। दिखाए गए सबूत पूरी तरह से मनगढ़ंत और फर्जी हैं। पुलिस ने बाद में घर के आस-पास लगे कैमरों के फुटेज भी डिलीट कर दिए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से आक्रोशित परिजन सोमवार को तिलोत्तमा सिंह के नेतृत्व में भारी संख्या में भाजपा जिला कार्यालय पहुंचे।
वहां उन्होंने जिलाध्यक्ष ध्रुव कुमार सिंह से मुलाकात की और मुख्यमंत्री को संबोधित एक मांग पत्र सौंपा। परिजनों ने पूरे प्रकरण की SIT से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकवरी के साथ जांच की भी मांग की। इसके अलावा, उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की भी मांग की। घायल अभिषेक को न्याय प्रदान किए जाने की भी अपील की गई।
भाजपा जिलाध्यक्ष ध्रुव कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए परिजनों को उच्चाधिकारियों से वार्ता कर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी तथ्यों की गहनता से जांच की जाएगी।
इस घटना ने न केवल स्थानीय समुदाय में बल्कि पूरे जनपद में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। परिजनों की मांग है कि उन्हें न्याय मिले और इस मामले में सच्चाई सामने आए। पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ उठे इस स्वर ने एक बार फिर से मानवाधिकारों और न्याय की आवश्यकता को उजागर किया है। वहीं फेसबुक पर कुछ वीडियो भी इस संदर्भ में वायरल होने के बाद पुलिस की थ्योरी कठघरे में खड़ी नजर आ रही है।


