प्रदेश में चारधाम यात्रा के दौरान बाहर से आने वाले वाहनों को अब बार-बार चेकिंग से निजात मिल सकेगी। परिवहन विभाग ने इसके लिए यात्रा मार्गों पर इस बार व्यवस्था में बदलाव करने का निर्णय लिया है।
इसके तहत अब यात्रा में लगने वाली बसों की जांच शुरुआत में ही निकटवर्ती बस अड्डों पर होगी, जबकि बाहर से आने वाले वाहनों की जांच सीमावर्ती चेकपोस्ट पर की जाएगी। इसके लिए इन सभी स्थानों पर वाई-फाई कनेक्शन लगाने के साथ ही कार्मिकों को टेब भी दिए जा रहे हैं ताकि परिवहन कार्मिक स्वयं वाहनों तक पहुंच कर उनके दस्तावेजों की जांच कर सकें।
बड़ी संख्या में व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही
प्रदेश में चारधाम यात्रा के दौरान यात्रा मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही होती है। ये सभी वाहन पूरे दस्तावेज व मानकों के साथ चल रहे हैं अथवा नहीं, इसके लिए यात्रा मार्ग पर बनी चेकपोस्ट पर जांच की जाती है।
जांच की प्रक्रिया में वाहनों को रोका जाता है और इससे इन स्थानों पर जाम की स्थिति बन जाती है। इसका असर यात्रियों की सुगम आवाजाही पर पड़ता है। यात्रा को सुगम व सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग इस बार व्यवस्था में बदलाव करने जा रहा है।
इसके तहत विभाग ऋषिकेश यात्रा ट्रांजिट कैंप व बस अड्डे, हरिद्वार से ऋषिकेश के बीच सत्यनारायण चेक पोस्ट व हरबर्टपुर बस अड्डे पर ही यात्रा की बसों की पूरी जांच करने की तैयारी कर रहा है, ताकि यात्रा के दौरान इन्हें जगह-जगह जांच के लिए रोकना न पड़े। साथ ही बाहर से आने वाले वाहनों की नारसन व आशारोड़ी पर ही जांच की जाएगी। जो व्यावसायिक वाहन जांच से रह जाएंगे, उनकी मार्गों पर जांच जाएगी।
यह कार्य परिवहन कर्मी स्वयं वाहन तक पहुंच कर करेंगे। वह टेब के जरिये यह देख सकेंगे कि ग्रीन कार्ड व ट्रिप कार्ड समेत वाहन के पूरे दस्तावेज हैं या नहीं। इससे भी कार्य में तेजी आएगी। अभी तक वाहन स्वामी को कागजात लेकर इन चेकपोस्ट पर लाइन लगाते हुए जांच करनी पड़ती थी।
यात्रा के नोडल अधिकारी व आरटीओ देहरादून संदीप सैनी ने कहा, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व पर्यटन मंत्री प्रदीप बत्रा ने यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। उसी के क्रम में यात्रा को सुगम बनाने व यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत यह कदम उठाया जा रहा है।


