विदेश जाकर परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का सपना संजोए पलवल के एक युवक के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शहर थाना पुलिस ने मामले में पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत के अनुसार, बिजनौर के रहने वाले आनंद ने खुद को बड़ा सर्विस प्रोवाइडर बताकर अगवानपुर के रहने वाले पीड़ित दीक्षांत को यूरोप में चालक की नौकरी लगवाने का लालच दिया था। आरोपित ने एक लाख रुपये प्रति माह वेतन का वादा किया और विश्वास जीतने के लिए पीड़ित के घर आकर परिवार के साथ फोटो भी खिंचवाए।
23 फरवरी को भारत वापस लौटा
पीड़ित का आरोप है कि आरोपित ने वीजा, टिकट और कागजातों के नाम पर अलग-अलग किश्तों में कुल दस लाख ठग लिए। इसमें से कुछ राशि नकद ली गई और कुछ फोन-पे के माध्यम से विभिन्न खातों में ट्रांसफर करवाई गई।
इसके बाद 22 फरवरी 2026 को दीक्षांत को यूरोप के बजाय किर्गिस्तान भेज दिया गया। वहां पहुंचने पर उसे पता चला कि चालक की नौकरी के बजाय उसे एक टेक्सटाइल कंपनी में मशीन ऑपरेटर के रूप में काम करना होगा, जहां वेतन मात्र 30 हजार रुपये था। कंपनी ने उसका पासपोर्ट भी छीन लिया। किसी तरह खुद के खर्च पर टिकट बुक कर वह 23 फरवरी को भारत वापस लौटा।
आरोपित ने उसे जान से मारने की धमकी दी
दीक्षांत ने अपनी शिकायत में बताया कि आनंद एक संगठित गिरोह चलाता है। उसने बिजनौर के ही एक अन्य युवक सत्येंद्र कुमार से भी दस लाख रु लाख ठगे थे। सत्येंद्र वहां फंस गया था, जिसे दीक्षांत ने अपने पास से 43,994 रु खर्च कर सुरक्षित भारत वापस लाने में मदद की। पीड़ित का कहना है कि भारत लौटने पर जब उसने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपित ने उसे जान से मारने की धमकी दी।


