महाबोधि मंदिर परिसर में बढ़ती फर्जी भिक्षुओं की समस्या को लेकर प्रशासन और संबंधित संस्थाएं अब सख्त कदम उठाने की तैयारी में हैं।
इस मुद्दे पर शनिवार को इंटरनेशनल बुद्धिस्ट काउंसिल, ऑल इंडिया भिक्षु संघ, बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति और बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस के अधिकारियों के बीच संयुक्त बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मंदिर परिसर में कुछ लोगों द्वारा भिक्षु वेश धारण कर श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अवैध रूप से धन मांगने की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई गई।
अधिकारियों ने माना कि ऐसी गतिविधियां न केवल मंदिर की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी खतरा पैदा करती हैं।
आईबीसी के अध्यक्ष भिक्षु नावांग ज्ञयात्सो और सचिव भिक्षु प्रज्ञादीप ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए जल्द ठोस नीति बनाने पर जोर दिया। बैठक में मौजूद अन्य सदस्यों ने भी अपने सुझाव दिए।
ज्वाइंट ऑपरेशन के जरिए होगी कार्रवाई
इस दौरान यह निर्णय लिया गया कि मंदिर परिसर में फर्जी भिक्षुओं पर रोक लगाने की जिम्मेदारी बी.सैप और बीटीएमसी संयुक्त रूप से निभाएंगे।
पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे सुरक्षा कर्मियों को स्पष्ट आदेश दें, ताकि फर्जी भिक्षुओं की पहचान कर उन्हें परिसर में प्रवेश से रोका जा सके।
पैसे बांटने पर लगे रोक
इसके अलावा, विभिन्न बौद्ध मठों से अपील की गई कि वे धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं के बीच धन वितरण की परंपरा को बंद करें, क्योंकि इससे इस तरह की अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।
बीटीएमसी द्वारा मंदिर परिसर में जागरूकता से जुड़े डिस्प्ले बोर्ड भी लगाए जाएंगे। बैठक के बाद अधिकारियों ने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद कुछ संदिग्ध फर्जी भिक्षुओं से पूछताछ भी की।
बैठक में बीटीएमसी की सचिव डा महाश्वेता महारथी, सदस्य डॉ अरविंद कुमार सिंह, किरण लामा सहित आईबीसी और विभिन्न बौद्ध मठों के प्रतिनिधि तथा बी. सैप के अधिकारी मौजूद रहे।


