आंध्र प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाते हुए राज्य विधानसभा ने शनिवार को सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से अमरावती को राज्य की स्थायी राजधानी के रूप में कानूनी मान्यता देने की मांग की। यह प्रस्ताव राज्य के भविष्य और प्रशासनिक स्थिरता को लेकर एक स्पष्ट संदेश देता है।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने इस प्रस्ताव को सदन में पेश किया और विस्तृत चर्चा के बाद इसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। प्रस्ताव में केंद्र सरकार से आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 की धारा पांच में संशोधन करने की मांग की गई है।
क्या है संशोधन की मांग?
मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव में स्पष्ट किया कि धारा पांच की उपधारा दो में अमरावती में शब्द जोड़ा जाए, ताकि राजधानी के रूप में इसकी स्थिति स्पष्ट हो सके। साथ ही, स्पष्टीकरण में यह भी जोड़ा जाए कि अमरावती में वे सभी क्षेत्र शामिल होंगे जिन्हें आंध्र प्रदेश कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी के तहत अधिसूचित किया गया है।
चर्चा के जवाब में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट और दृढ़ शब्दों में कहा आंध्र प्रदेश की केवल एक ही राजधानी है और वह अमरावती है। यह स्थायी राजधानी है, इसे कोई बदल नहीं सकता, कोई एक इंच भी हिला नहीं सकता।


