अयोध्या में आयोजित श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ पर मानो अभिशाप का साया पड़ गया है। एक दिन पूर्व जहां अयोध्या में आयोजन स्थल आग की भेंट चढ़ गया तो वहीं अब बलिया से इसी आयोजन में शामिल होने अयोध्या गए श्रद्धालुओं की बस पेड़ से टकरा गई जिसमें 28 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।
रविवार की भोर में श्रद्धालुओं से भरी एक बस अनियंत्रित होकर हलधरपुर के रतनपुरा में एक पेड़ से टकरा गई। इस दुर्घटना में 28 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही हलधरपुर थाने की पुलिस, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। सभी घायलों को तुरंत बस से निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जोंगापुर में भर्ती कराया गया। इसके बाद, सभी को जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां 24 श्रद्धालुओं का इलाज चल रहा है। वहीं, चार घायलों को वाराणसी रेफर किया गया है।
घायलों में से कुछ की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। सभी श्रद्धालु एक प्राइवेट बस से अयोध्या में श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ में शामिल होने के लिए बलिया से रवाना हुए थे। बलिया से अयोध्या गई बस जब वापस लौट रही थी, तभी यह दुर्घटना हुई। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, 30 से 40 लोग घायल होने की सूचना मिली थी, जिसमें से चार व्यक्तियों को शारदा नारायण अस्पताल मऊ में भर्ती कराया गया है।
इस घटना ने श्रद्धालुओं के बीच चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय प्रशासन ने घायलों की सहायता के लिए तत्परता दिखाई है और सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अयोध्या में आयोजित महायज्ञ में शामिल होने के लिए बलिया से 51 बसों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भेजा गया था। यह घटना उस समय हुई जब श्रद्धालु धार्मिक अनुष्ठान के बाद लौट रहे थे।
स्थानीय लोगों ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और प्रशासन से मांग की है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। इस दुर्घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा के मुद्दे को उजागर किया है। सभी संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की जा रही है और प्रशासन द्वारा उनकी देखभाल की जा रही है। यह घटना श्रद्धालुओं के लिए एक दुखद अनुभव बन गई है, जो धार्मिक यात्रा पर निकले थे।


