भारतीय जनता पार्टी के दो विधायकों ने मंगलवार को सदन में प्रदेश सरकार पर बीते वर्ष बाढ़-भूस्खलन से हुए नुक्सान से निपटने के लिए निधि आवंटन में जम्मू की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए वॉकआउट किया।
अलबत्ता, उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने बाढ़ से हुए नुक्सान से निपटने के लिए अभी तक कोई वित्तीय मदद नहीं की है।
उन्होंने कहा कि भाजपा यहां सिर्फ जम्मू बनाम कश्मीर करती है। हम किसी के साथ भेदभाव नहीं करते, हमने यहां दरबार मूव बहाल किया, इन्होंने यहां मेडिकल कालेज बंद कराया और यह हम पर आरोप लगा रहे हैं। केंद्र सरकार जितनी आपको प्यारी है, उतनी हमें भी प्यारी है। दोनों पक्षों के बीच लगभग पांच मिनट तक तीखी बहस जारी रही।
आज प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक राजीव जसरोटिया ने बीते वर्ष बाढ़ से प्रभावित इलाकों में मुरम्म्त और पुनर्वास कार्याें के लिए जिलावार जारी धनराशि का ब्यौरा मांगा था। उपमुख्यमंत्री सुुरिंदर चौधरी ने इस पर बताया कि मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान बाढ़ बहाली के कामों के लिए केंद्र द्वारा अब तक कोई निधि जारी नहीं की गई है।


