ग्रेटर नोएडा में बिल्डर नहीं देते बालकनी कवर करने की अनुमति, बढ़ रहा हादसों का खतरा

 ऊंची इमारतों में रहना भला किसे पसंद नहीं है। लोग मुंहमांगे दाम देकर फ्लैट में रहने आते हैं। गगनचुंबी इमारतों में रहना लोगों के लिए स्टेटस सिंबल होता है। हो भी क्यों न, हर तरह की सुविधा इन इमारतों में मौजूद जो होती है।

आजकल इन सोसायटी की हाइराइज इमारत लोगों की जान जाने का कारण बन रही हैं। फ्लैट की बालकनी सबसे असुरक्षित जगह बन गई है। हाल ही में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जब छोटे बच्चे, बुजुर्ग यहां तक की जवान लोग बालकनी से नीचे गिर गए और उनकी मौत हो गई। ग्रिल मानक अनुरूप, लेकिन कवर करने की अनुमति नहीं है।

बालकनी में ग्रिल लगाने का मानक क्या है?

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मानक अनुरूप सोसायटियों में बालकनी में ग्रिल लगाने की ऊंचाई साढ़े तीन से चार फीट है। लोगों का कहना है कि सोसायटियों की बालकनी में ग्रिल मानक अनुरूप तो लगी है, लेकिन उसके बाद भी असुरक्षित है।

लोग लंबे समय से बालकनी को कवर करने की मांग करते हैं, लेकिन इसमें ज्यादातर बिल्डर ले आउट में बदलाव न करने का हवाला देकर अड़ंगा लगा देते हैं। इससे हाइराइज सोसायटियों में हादसे का खतरा हमेशा बना रहता है।

लोगों का कहना है कि आए-दिन छोटे बच्चों के बालकनी से नीचे गिरने की घटनाएं सुनने को मिलती है, जिसको देखते हुए सतर्क रहना पड़ता है। बच्चे यदि बालकनी में जाते हैं तो कोशिश करते हैं कि उनके साथ बालकनी में मौजूद रहे।

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