राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के आरोप में छह विधायकों के निलंबन के बाद बीजू जनता दल (बीजद) में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी अध्यक्ष नवीन पटनायक की कार्रवाई के विरोध में बालेश्वर जिले के बस्ता ब्लॉक अध्यक्ष अनिल कुमार मोहंती ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।
विधायक के निलंबन के बाद ब्लॉक अध्यक्ष का इस्तीफा
तीन बार बस्ता ब्लॉक अध्यक्ष रह चुके मोहंती ने अपने इस्तीफे में लिखा कि वह पार्टी की स्थापना काल से ही एक अनुशासित कार्यकर्ता के रूप में जुड़े रहे, लेकिन बस्ता विधायक सुभासिनी जेना के निलंबन से आहत हैं। उन्होंने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए कहा कि संगठन के प्रति पूरी निष्ठा से काम करने के बावजूद इस तरह का निर्णय कार्यकर्ताओं को निराश करने वाला है।
बीजद ने 6 विधायकों का किया था निलंबन
गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान कथित दलविरोधी गतिविधियों को लेकर बीजद ने शनिवार को छह विधायकों को निलंबित कर दिया था। इनमें सुभासिनी जेना (बस्ता), देबीरंजन त्रिपाठी (बांकी), सौविक बिस्वाल (चौद्वार-कटक), चक्रवर्ती कन्हार (बलिगुड़ा), नब किशोर मलिक (जयदेव) और रामकांत भोई (तिरतोल) शामिल हैं।
निलंबित विधायकों की सदस्यता रद कराने का भी विचार
पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक में अनुशासन समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला लिया गया। इससे पहले सभी विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसका जवाब उन्होंने 20 मार्च को दिया था।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, मामले में आगे और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। निलंबित विधायकों की सदस्यता रद कराने के लिए विधानसभा अध्यक्ष से संपर्क करने पर भी विचार किया जा रहा है। राज्यसभा चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग के बाद से बीजद में असंतोष के स्वर तेज हो गए हैं और अब इसका असर संगठन के निचले स्तर तक दिखाई देने लगा है।


