हरियाणा में युवाओं का दिल कमजोर हो रहा है। कोरोना के बाद से लेकर अब तक राज्य में 17 हजार 973 लोगों की हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है। हार्ट अटैक से मरने वाले अधिकतर लोगों की उम्र 18 से लेकर 45 साल के बीच में थी।
हरियाणा सरकार ने बुधवार को विधानसभा में इस संबंध में रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2022 से अब तक हार्ट अटैक से होने वाली मौतों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। बजट सत्र के अंतिम दिन जुलाना की कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने सरकार से पूछा कि वर्ष 2020 में कोरोना काल की शुरूआत से लेकर आज तक राज्य में 18 से 45 वर्ष के आयु वर्ग के कितने युवाओं की हार्ट अटैक से मौत हुई है।
उन्होंने सरकार से यह भी जानना चाहा कि क्या इस बारे में कोई अध्ययन किया गया है कि इन मौतों का कोविड-19 संक्रमण या कोविड-19 टीकाकरण से कोई संबंध है। विधानसभा में जिस समय उनका यह सवाल लगा तो वह सदन में नहीं थीं। इसके बावजूद सरकार ने रिपोर्ट टेबल की गई। विनेश फोगाट के सवाल पर सरकार ने कहा कि इन मौतों का कोरोना टीकाकरण से कोई संबंध नहीं है। ऐसे में किसी प्रकार का सर्वे कराने की भी जरूरत नहीं पड़ी।
वर्ष दर वर्ष मौत का आंकड़ा
| साल | मौत का आंकड़ा |
| 2020 | 2394 |
| 2021 | 3188 |
| 2022 | 2796 |
| 2023 | 2886 |
| 2024 | 3063 |
| 2025 | 3255 |
| 2026 (केवल जनवरी) | 391 |
यमुनानगर, फरीदाबाद और नूंह में सर्वाधिक मौतें
हरियाणा सरकार द्वारा पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2026 में हार्ट अटैक के कारण सबसे अधिक मौत यमुनानगर जिले में हुई है। यहां एक माह के भीतर 71 युवाओं की मौत हो चुकी है। भिवानी जिले में नौ, चरखी दादरी में छह, फरीदाबाद में 43, फतेहाबाद में 30, गुरुग्राम में आठ, झज्जर में 17, जींद में 12, कैथल में 12, करनाल में आठ, कुरुक्षेत्र में 14, नूंह में 36, नारनौल में छह, पंचकूला में 19, पानीपत में पांच, पलवल में 37, रेवाड़ी में 17, सिरसा में 35, सोनीपत में छह तथा यमुनानगर जिले में 71 युवाओं की हार्ट अटैक से मौत हुई है। प्रदेश में रोहतक, हिसार तथा अंबाला में एक माह के भीतर हार्ट अटैक से कोई मौत नहीं हुई है।


