जम्मू भगवती नगर में बन रहा 5 एकड़ का हाई-टेक ई-बस डिपो, जनवरी से सड़कों पर दौड़ेंगी 100 नई AC बसें

 जम्मू-कश्मीर की शीतकालीन राजधानी जम्मू और इसके आस-पास के क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह से डिजिटल, सुलभ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में प्रशासन ने एक और बड़ा कदम उठाया है। जम्मू स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तत्वावधान में जम्मू संभाग को जल्द ही 100 और अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों की सौगात मिलने जा रही है।

इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए भगवती नगर में ई-बस डिपो के निर्माण को मंजूरी दे दी गई है, जिस पर काम शुरू हो चुका है। प्रशासन इस पूरी परियोजना की निगरानी उच्च स्तर पर कर रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इस अत्याधुनिक डिपो का शिलान्यास करेंगे। जम्मू-कश्मीर सरकार की महिला सशक्तिकरण नीति के तहत, वर्तमान में चल रही ई-बसों की तरह इन नई बसों में भी महिलाओं के लिए यात्रा पूरी तरह से निशुल्क रहेगी।

40 कनाल में बनेगा आधुनिक डिपो

नई आ रही 100 ई-बसों के सुचारू संचालन, तकनीकी रखरखाव और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है। इस नए ई-बस डिपो का निर्माण भगवती नगर में स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स के नजदीक किया जा रहा है। रणनीतिक रूप से यह स्थान बसों के शहर के आंतरिक मार्गों, राष्ट्रीय राजमार्ग और रिंग रोड पर त्वरित आवागमन के लिए बेहद उपयुक्त है। यह डिपो लगभग 40 कनाल (लगभग 5 एकड़) भूमि पर फैला होगा। इसमें एक साथ 100 से अधिक बसों को पार्क करने, उनकी धुलाई करने और तकनीकी रसद प्रबंधन की व्यापक व्यवस्था होगी।

दिसंबर 2026 की समय-सीमा

आधिकारिक कार्ययोजना के अनुसार, दिसंबर 2026 तक इस डिपो का निर्माण कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाएगा। डिपो के पूरी तरह तैयार होने के बाद, जनवरी से इन सभी 100 नई ई-बसों का संचालन यहीं से शुरू कर दिया जाएगा।

पार्किंग, मेंटेनेंस और फास्ट-चार्जिंग की व्यवस्था

भगवती नगर का यह नया डिपो केवल एक सामान्य पार्किंग स्थल नहीं होगा, बल्कि इसे एक अत्याधुनिक सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसमें बसों को बिना किसी बाधा के लगातार संचालित करने के लिए डिपो में अल्ट्रा-फास्ट डीसी चार्जिंग प्वाइंट स्थापित किए जा रहे हैं। ये चार्जर न्यूनतम समय (लगभग 45 से 60 मिनट) में बसों को 80 प्रतिशत तक चार्ज करने में सक्षम होंगे। डिपो के भीतर ही एक विश्वस्तरीय वर्कशाप बनाई जा रही है, जहां बसों की नियमित सर्विसिंग, मैकेनिकल और सॉफ्टवेयर जांच तथा तत्काल मरम्मत का काम इंजीनियरों द्वारा किया जाएगा।

यात्रियों को मिलेंगी प्रीमियम सुविधाएं

इन नई बसों में यात्रा को सुरक्षित, आरामदायक और बाधा रहित बनाने के लिए कई अत्याधुनिक फीचर्स शामिल किए गए हैं। महिला यात्रियों और आम जनता की सुरक्षा के मद्देनजर सभी बसों में हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे, आपातकालीन पैनिक बटन और आटोमैटिक व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम लगाए गए हैं, जो सीधे मुख्य कंट्रोल रूम से जुड़े रहेंगे।

सभी बसें वातानुकूलित होंगी। इनमें दिव्यांगों के लिए रैंप की सुविधा, डिजिटल डेस्टिनेशन बोर्ड, स्टाप अनाउंसमेंट सिस्टम और मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट जैसी प्रीमियम सुविधाएं मिलेंगी। इन बसों में कैशलेस यात्रा को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल टिकटिंग, क्यूआर कोड और नेशनल कामन मोबिलिटी कार्ड सपोर्ट उपलब्ध होगा।

पर्यावरण और अर्थव्यवस्था को संजीवनी

जम्मू में वर्तमान समय में 100 ई-बसें पहले से ही सफलतापूर्वक सड़कों पर दौड़ रही हैं और जनता के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। जनवरी में 100 और नई बसों के शामिल होने के बाद जम्मू में कुल इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़कर 200 हो जाएगी। पारंपरिक डीजल और पेट्रोल वाहनों पर निर्भरता कम होने से जम्मू शहर के कार्बन उत्सर्जन में सालाना हजारों टन की कमी आएगी।

इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से पेट्रोलियम के आयात पर निर्भरता घटेगी। नए डिपो, वर्कशाप और बसों के संचालन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सैकड़ों स्थानीय युवाओं को तकनीकी और गैर-तकनीकी रोजगार मिलेगा।

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