शिक्षा विभाग (Bihar Education Department) की प्रस्वीकृति के बिना ही जिला में 21 प्राइवेट स्कूलों का संचालन हो रहा है। इन विद्यालयों ने पूर्व में ही आवेदन कर यू डाइस प्राप्त कर लिया है, लेकिन विभाग की प्रस्वीकृति के बिना भी पिछले कई सालों से विद्यालय का संचालन कर रहे हैं।
बिना सक्षम प्राधिकार से प्रस्वीकृति का प्रमाण पत्र प्राप्त किए विद्यालय का संचालन शिक्षा अधिकार कानून का उल्लंघन है। ऐसे विद्यालयों का यू-डाइस कोड रद करने के साथ ही शिक्षा विभाग इनसे जुर्माना भी वसूल करेगी।
फिलहाल, समग्र शिक्षा अभियान के डीपीओ राज कुमार राजू ने पत्र जारी कर इन सभी विद्यालयों को तीन दिनों के अंदर प्रस्वीकृति के लिए ई-संबंधन पोर्टल पर आवेदन करने को कहा है। ऑनलाइन आवेदन में विद्यालय को अपना सारा अभिलेख भी ऑनलाइन ही अपलोड करना है।
डीपीओ एसएसए ने बताया कि बच्चों के मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत कोई भी प्राइवेट स्कूल विभागीय प्रस्वीकृति के बिना नहीं चलेगा। बिना प्रस्वीकृति विद्यालय संचालन अधिनियम का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन है।
ऐसे विद्यालयों को तीन दिनों का नोटिस दिया गया है। तीन दिनों में आवेदन नहीं मिलने पर पहले उनका यू-डाइस कोड रद करने की कार्रवाई की जाएगी।
बिना प्रस्वीकृति चल रहे प्राइवेट स्कूल
एएफ एकेडमी अमरपुर, आदर्श प्रतियोगिता शिक्षा निकेतन झिरवा, ज्ञान गंगा आवासी विद्यालय बांका, सत्यम शिवम पब्लिक स्कूल बांका, एचआर पब्लिक स्कूल खड़हरा, होली चाइल्ड इंग्लिश स्कूल बाराहाट, जीवन दीप पब्लिक स्कूल बेलहर, बाल भारती आवासीय विद्यालय बौंसी, इंडिया मिशन मार्निक स्टार बौंसी, माउंट वैली पब्लिक स्कूल बौंसी, राज पब्लिक स्कूल धोरैया, मुसहर दीप केंद्र रजौन, आरती एकेडमी चांदन,आनंद मार्ग स्कूल भोरसार,निर्मल गुरुकूल रजौन, परमेश्वर विद्याधर बनगांव रजौन, सत्यार्थ प्रकाश मिशन स्कूल रजौन।


