गाजियाबाद की मेयर सुनीता दयाल का दावा है कि लोगों का जीवन स्तर सुधरा है, जिसकी वजह से एक घर में चार-चार कारें होने से जाम लग रहा है। यह बयान अपने आप में ही अजीब और जिम्मेदारी से भागने वाला लगता है।
इस बयान से उलट हकीकत अलग है। दैनिक जागरण की टीम ने पड़ताल की तो पता चला कि सड़कों पर वाहन की पार्किंग और अतिक्रमण के कारण जाम लग रहा है। शहर की प्रमुख सड़कें हों या बाजार हो, वहां पर अतिक्रमण की समस्या है।
पार्किंग के उचित इंतजाम न होने के कारण लोग सड़क पर ही वाहन खड़े करते हैं। इंदिरापुरम क्षेत्र में जगह-जगह फुटपाथ से लेकर सड़क तक अतिक्रमण और इससे लगने वाले जाम से लोगों का हाल बेहाल है। जहां देखो वहां अतिक्रमण ही अतिक्रमण दिखता है। इससे लगने वाले जाम से लोग रोजाना जूझ रहे हैं। पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
अतिक्रमण के खिलाफ सड़क पर उतरने का भी फर्क नहीं
इंदिरापुरम के लोग कई बार सड़कों पर उतरे हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई हैं। सड़कों से लेकर फुटपाथ व ग्रीन बेल्ट पर पूरी तरह कब्जा कर रखा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां सड़क, फुटपाथ व ग्रीन बेल्ट की जमीन बेचकर अतिक्रमण कराया जा रहा है। इससे रोजाना जाम की समस्या से जूझना पड़ता है।
इंदिरापुरम के लोगों ने बताया कि पूरे क्षेत्र के में अतिक्रमण से जूझ रहा है। विभिन्न प्रकार की दुकान खोलकर ग्रीन बेल्ट व सड़कों पर अतिक्रमण कर रखा है। अवैध मोटर वर्कशाप व कबाड़ की दुकान संचालित हो रही हैं। इसको लेकर कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है।


