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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच पहले सीमा स्तंभ (पिलर) की स्थापना को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। हिमंत ने कहा कि स्पष्ट सीमाएं तेज विकास, बेहतर कानून-व्यवस्था और दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय का मार्ग प्रशस्त करेंगी।

उन्होंने यह भी कहा कि असम सभी अंतर-राज्यीय मुद्दों को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करने के लिए प्रतिबद्ध है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा नेएक्स पर पोस्ट में कहा कि नामसाई घोषणा पर हस्ताक्षर के बाद अरुणाचल प्रदेश के पक्के केसांग जिले में पहला सीमा स्तंभ स्थापित किया गया है। यह दोनों राज्यों के बीच लंबित विवादों को संवाद और सहयोग के माध्यम से हल करने की साझा प्रतिबद्धता दर्शाता है।

सीमा स्तंभ दोनों राज्यों के बीच सहयोग और विश्वास का प्रतीक

सीमा स्तंभ की स्थापना असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच सहयोग और विश्वास का प्रतीक है। यह कदम उन सीमावर्ती गांवों में स्थायी शांति और प्रशासनिक निश्चितता लाएगा, जो कई दशकों से अस्पष्टता से प्रभावित थे। इससे पहले असम और अरुणाचल ने नामसाई घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए थे।

हिमंत ने कहा कि इस समझौते में स्थानीय समुदायों की भलाई को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व को सहकारी संघवाद को प्रोत्साहित करने और पूर्वोत्तर राज्यों के बीच एकता को बढ़ावा देने के लिए श्रेय दिया।

हिमंत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू को उनके सहयोग और समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उल्लेखनीय है कि नामसाई घोषणा पर असम और अरुणाचल प्रदेश ने व्यापक परामर्श के बाद हस्ताक्षर किए थे।

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