यह अल्लाह की मर्जी नहीं थीं… भ्रष्ट सिस्टम की आग में जल गए महिला और पांच बच्चे

2.6kViews
1129 Shares

 रुखसार ने एक घंटे तक बच्चों को बचाने के लिए जद्दोजहद की, लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाई। बेबस मां के सामने पांचों बच्चों ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। अस्पताल में लाइन में रखे छह शवों को देखकर हर किसी की आंख नम थी। लोग चिल्ला रहे थे… यह अल्लाह की मर्जी नहीं थी। भ्रष्ट सिस्टम की आग में बच्चे जल गए। दो किलोवाट का कनेक्शन लेकर पांच किलोवाट से अधिक बिजली का उपयोग किया जा रहा था। ऐसे में शार्ट सर्किट होना लाजिमी था।

मुहल्ले के लोगों का कहना था कि बिजली विभाग के कर्मचारी ही यह काम करवा रहे हैं। इसके लिए वसूली की जाती है। गली के सभी मकानों में इस तरह से ही बिजली आपूर्ति कराई जा रही है। उससे भी अहम बात है कि घर के अंदर कारखाना चल रहा था, लेकिन जिम्मेदार पूरी तरह से बेखबर थे। किदवई नगर में घर-घर के अंदर कपड़े के कारखाने चल रहे हैं, घरेलू दो किलोवाट बिजली के कनेक्शन पर बड़ी-बड़ी मशीने संचालित की जा रही हैं।
इकबाल के परिवार के सदस्य और रिश्तेदार कह रहे थे कि इन मौतों का जिम्मेदार प्रशासनिक अमला है। यदि बिजली विभाग, कारखाना विभाग और मेरठ विकास प्राधिकरण अपनी जिम्मेदारी सही से निभाते तो छह जानें न जाती।

शवों को देखकर आक्रोशित हो गए थे लोग

राजधानी अस्पताल में इकबाल के बेटे अरशद की हिस्सेदारी है। सोमवार रात उसी अस्पताल में अरशद के भाई आसिम और फारुख के पांच बच्चों के साथ आसिम की पत्नी रुखसार का शव भी पड़ा था। पुलिस मान रही है कि सभी की मौत दम घुटने से हुई है। बच्चों की मौत को लेकर आक्रोशित मुस्लिम समाज के लोगों का कहना था कि गनीमत रही कि तत्काल ही बिजली के तार काट दिए थे, वरना पहली मंजिल पर मौजूद परिवार के सदस्यों को भी नहीं बचाया जा सकता था। लोगों की भीड़ कुछ समय के लिए आक्रोशित हो गई थी। हालांकि पुलिस बल लगाकर उन्हें शांत कर दिया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *