पश्चिम बंगाल में इस साल 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसे लेकर ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल वासियों के लिए एक पत्र लिखा है। इस पत्र को भारतीय जनता पार्टी के डोर-टू-डोर कैंपेन के दौरान लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
पीएम मोदी ने पत्र में लिखा, ‘मेरे प्यारे पश्चिम बंगाल वासियों, जय मां काली। अब बस कुछ ही महीने में पश्चिम बंगाल का भाग्य सुनिश्चित हो जायेगा। आने वाली पीढ़ी का भविष्य किस दिशा में आगे बढ़ेगा, यह आपके सोचे-समझे फैसले पर निर्भर करता है।’
पीएम मोदी ने लिया संकल्प
पीएम मोदी की चिट्ठी में लिखा है, ‘मेरे सोनार बंगाल के सपने देखने वाला हर एक जवान, बूढ़ा और महिला आज बहुत पीड़ा में हैं। उनके पीड़ा से आज मेरा हृदय भी व्यथित है। इसलिए, मैंने मन की गहराइयों से एक संकल्प लिया है, पश्चिम बंगाल को ‘विकसित’ और समृद्ध बनाने का संकल्प।’
पीएम मोदी ने आगे लिखा, ‘पिछले 11 वर्षों में देशवासियों के आशीर्वाद को ताकत बनाकर मेरी सरकार ने जनकल्याण और समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।’
चिट्ठी में आगे लिखा है, ‘किसानों के कल्याण से लेकर युवाओं के सपनों को साकार करने तक और मातृशक्ति के सशक्तिकरण से लेकर समाज के हर वर्ग तक, हमारी नीतियों और निरंतर प्रयासों के सकारात्मक परिणाम आज साफ दिखाई दे रहे हैं।’
PM मोदी ने गिनाए राष्ट्र सरकार के काम
पीएम मोदी ने पत्र में राष्ट्र सरकार की नीतियों के बारे में लोगों को बताया।
- राज्य सरकार के असहयोग और विरोध के बावजूद, आज पश्चिम बंगाल के करीब 5 करोड़ लोग ‘जन-धन योजना’ के माध्यम से बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े हैं।
- ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत राज्य में 85 लाख शौचालयों का निर्माण किया गया है।
- जब राज्य की सत्ताधारी पार्टी गरीबों का निवाला छीन रही है, तब हमने छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को 2.82 लाख करोड़ रुपये का लोन देकर मदद का हाथ बढ़ाया है।
- ‘अटल पेंशन योजना’ के तहत 56 लाख वरिष्ठ नागरिकों को बुढ़ापे में आत्मनिर्भर बनाने का सौभाग्य मुझे मिला है।
- ‘उज्ज्वला योजना’ के माध्यम से 1 करोड़ से अधिक परिवारों को रसोई गैस देकर माताओं-बहनों को धुएं से मुक्ति दिलाकर मैं धन्य हूं।
- ‘किसान सम्मान निधि’ के जरिए 52 लाख से अधिक किसानों को सीधे आर्थिक सहायता देकर उनके चेहरे पर मुस्कान लाकर, मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं।


