विलुप्त होने वाले गिद्ध लौट आए! हजारीबाग के थाने में जोड़े ने डेरा डाला, खुशी का माहौल
बरही थाना परिसर इन दिनों जैव विविधता के संरक्षण का अनूठा उदाहरण बन गया है। परिसर के दर्जनों पेड़ पौधों में तरह तरह के पक्षी नजर आते हैं।
थाना परिसर स्थित ताड़ के एक वृक्ष पर विलुप्तप्राय गिद्ध का जोड़ा घोंसला बनाकर रह रहा है। शनिवार को एक गिद्ध के दिखने के बाद अगले ही दिन दूसरा गिद्ध भी पहुंचा और दोनों साथ रहने लगे। इस दुर्लभ दृश्य ने पर्यावरण प्रेमियों को उत्साहित कर दिया है।
जानकारों के अनुसार मार्च माह तक इनका ब्रीडिंग सीजन कहलाता है। यह गिद्ध का जोड़ा फरवरी माह में ही घोंसला तैयार कर बरही थाना परिसर में सुरक्षित ठिकाना बना चुके हैं।
बरही थाना प्रभारी बिनोद कुमार ने बताया कि किसी भी पक्षी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता। थाना परिसर में घोंसला बना कर रह रहे गिद्ध का जोड़ा पूरी तरह सुरक्षित है।
दुर्लभ दृश्य देख उत्साहित हुए पक्षी प्रेमी
गिद्धों के जोड़े को देखकर लोग उन्हें अपने मोबाइल और कैमरों में कैद कर रहे हैं। प्रसिद्ध पक्षी विशेषज्ञ व पर्यावरण प्रेमी इंद्रजीत सामंता भी मौके पर पहुंचे।
उन्होंने एसएलआर कैमरे से गिद्धों के मनमोहक दृश्य को संजोया। लंबे समय बाद इस प्रजाति की मौजूदगी से पक्षी प्रेमियों में खुशी का माहौल है।
व्हाइट बैक्ड वल्चर की मौजूदगी, शुभ संकेत
जाने-माने पक्षी विशेषज्ञ डॉ. मुरारी सिंह के अनुसार बरही में दिखा गिद्धों का यह जोड़ा व्हाइट बैक्ड वल्चर प्रजाति का है, इसका वैज्ञानिक नाम जिप्स बैंगलेंसिस है।
यह प्रजाति काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। गिद्धों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि क्षेत्र का प्राकृतिक वातावरण अब भी अनुकूल और सुरक्षित है।


