डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, कांगड़ा स्थित टांडा के आर्थोपेडिक विशेषज्ञों ने आर्थोस्कोपिक सर्जरी के जरिए घुटने के अंदर बनी गैन्ग्लियोनिक सिस्ट को सफलतापूर्वक निकालकर मरीज को लंबे समय से चले आ रहे असहनीय दर्द से राहत दिलाई है। टांडा मेडिकल कॉलेज में यह अपनी तरह की पहली सर्जरी है।
इस प्रक्रिया में डॉक्टरों ने घुटने में बड़ा चीरा लगाने के बजाय केवल दो से तीन छोटे छेद किए। एक छेद से आर्थोस्कोप यानी कैमरा डाला गया, जिसकी मदद से बड़ी स्क्रीन पर घुटने के अंदर की स्थिति देखी गई। दूसरे छेद के माध्यम से सर्जिकल उपकरण डालकर पानी से भरी गांठ यानी गैन्ग्लियोनिक सिस्ट को पूरी तरह निकाल दिया गया।
कांगड़ा जिले के देहरा क्षेत्र के कस्बा गांव निवासी 43 वर्षीय किरण कुमारी काफी समय से दाहिने घुटने के तेज दर्द से परेशान थीं। उन्होंने कई अस्पतालों में उपचार कराया, लेकिन कहीं भी राहत नहीं मिली। अंततः थक-हारकर उन्होंने टांडा मेडिकल कॉलेज में हड्डी रोग विभाग में परामर्श लिया।
हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. विपिन शर्मा ने प्रारंभिक जांच के बाद कुछ आवश्यक जांचें करवाईं। जांच रिपोर्ट में घुटने के भीतर गैन्ग्लियोनिक सिस्ट होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद आर्थोस्कोपिक सर्जरी का निर्णय लिया गया। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ है।


