ओबरा तापीय परियोजना में तकनीकी खराबियों के चलते 42 घंटों के भीतर ही एक के बाद एक तीन विद्युत इकाइयों के बंद हो जाने से प्रदेश की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। परियोजना के बीटीपीएस की 12वीं और 13वीं इकाइयों के साथ सीटीपीएस की पहली इकाई के बंद होने से उत्पादन में भारी गिरावट दर्ज होने के साथ ही प्रदेश के कई जिलों में विद्युत् आपूर्ति घंटो प्रभावित रही। जहां वैकल्पिक स्रोतों बिजली मुहैया कराकर आपूर्ति जैसे तैसे बहाल कराई गयी।
परियोजना सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ओबरा परियोजना की 12वीं इकाई बीते शनिवार की शाम 06:23 बजे पीए फैन मोटर में अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गई। वहीं मरम्मत का कार्य पूरा न होने की वजह से अब तक इस इकाई से दोबारा उत्पादन शुरू नहीं हो सका है। इंजिनियर व तकनीकी टीम द्वारा लगातार मरम्मत का कार्य किया जा रहा है, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिल पाई है।
इसी बीच सोमवार सुबह 06:46 बजे परियोजना की 13वीं इकाई भी जनरेटर में इलेक्ट्रिकल खराबी आ जाने के कारण ठप हो गई। इंजिनियर कुछ समझ पाते सोमवार दोपहर 12:20 मिनट पर 660 मेगावाट क्षमता वाली सीटीपीएस की पहली इकाई तकनीकी कारणों से बंद हो गयी। लगातार तीन बड़ी इकाइयों के बंद होने से ओबरा परियोजना के कुल उत्पादन पर सीधा असर पड़ा है।
वर्तमान में परियोजना के बीटीपीएस का कुल विद्युत उत्पादन घटकर लगभग 350 मेगावाट के आसपास रह गया है। जबकि ओबरा सी परियोजना का उत्पादन शून्य हो गया। परियोजना की तीन प्रमुख इकाइयों के एक के बाद एक बंद होने से प्रदेश की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ा है। खासकर औद्योगिक क्षेत्रों और शहरी इलाकों में मांग के अनुरूप आपूर्ति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। हालांकि ऊर्जा विभाग वैकल्पिक स्रोतों से बिजली आपूर्ति संतुलित करने का प्रयास कर रहा है।
प्रबंधन का कहना है कि दोनों इकाइयों की तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए इंजीनियरों की टीम लगी हुई है। जैसे ही मरम्मत कार्य पूरा होगा, इकाइयों को चरणबद्ध तरीके से पुनः चालू कर लिया जाएगा। उम्मीद व्यक्त की जा रही है कि 12वीं इकाई से मंगलवार देर शाम और 13वीं इकाई से बुधवार देर शाम तक उत्पादन शुरू हो जाएगा। वहीं सीटीपीएस की पहली इकाई से भी जल्द उत्पादन शुरू होने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है।


