दिल्ली के कूड़े के पहाड़ों में से एक भलस्वा लैंडफील अब जल्द ही इतिहास बनने जा रहा है। दिल्ली सरकार और एमसीडी ने इस स्थान पर अंतरराज्यीय बस अड्डा बनाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष के अंत तक भलस्वा लैंडफील को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य तय किया गया है।
दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस बस अड्डे के निर्माण से बाहरी दिल्ली की ओर से आने वाली बसों को यहीं रोका जा सकेगा। इससे मध्य दिल्ली तक बसों का दबाव कम होगा और यातायात व्यवस्था को राहत मिलेगी।
योजना के अनुसार, इस नए बस अड्डे पर हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ से आने वाली बसों को ठहराव मिलेगा। इससे न केवल दिल्ली की सड़कों पर भीड़ कम होगी बल्कि कश्मीरी गेट स्थित मौजूदा अंतरराज्यीय बस अड्डे पर सैकड़ों बसों का दबाव भी घटेगा।
भलस्वा लैंडफील लंबे समय से दिल्ली की सबसे बड़ी पर्यावरणीय चुनौतियों में से एक रहा है। इसे हटाकर बस अड्डा बनाने की योजना को शहर के लिए एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल प्रदूषण कम होगा बल्कि परिवहन व्यवस्था भी अधिक सुव्यवस्थित होगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह योजना सफल होती है तो भलस्वा क्षेत्र की छवि पूरी तरह बदल जाएगी और यहां का वातावरण भी सुधरेगा।


