प्लाज्मा वेपन का संबंध कई बार ईरान से जोड़कर देखा गया है। पेंटागन ने एक रिपोर्ट जारी कि जिसमें दावा किया गया कि प्लाज्मा वेपन एक ऐसा हथियार है, जो युद्ध की पूरी तस्वीर बदलने की क्षमता रखता है।
अमेरिका की ओर से कई बार यह दावा किया गया कि ईरान प्लाज्मा वेपन जैसी उन्नत सैन्य तकनीक पर काम कर रहा है।हालांकि इस संबंध में अब तक कोई ऑफिशियल जानकारी सामने नहीं आई है और न ही ईरान ने कभी इस तरह की बातों पर हामी भरी है।
प्लाज्मा क्या है?
पदार्थ की तीन अवस्थाओं ठोस, द्रव और गैस के बारे में सभी जानते हैं। लेकिन प्लाज्मा, पदार्थ की चौथी अवस्था है। यह अवस्था तब बनती है जब गैस को काफी ऊंचे तापमान पर गर्म किया जाता है।
गैस को गर्म करने पर परमाणु अपने इलेक्ट्रॉन खोने लग जाते हैं, जिससे उस पदार्थ में आयन या मुक्त इलेक्ट्रॉन बन जाते हैं। आयन बनने की वजह से ही प्लाज्मा बिजली और चुंबकीय क्षेत्रों के प्रति संवेदनशील होता है।
प्लाज्मा ब्रह्मांड में सबसे ज्यादा पाया जाने वाला पदार्थ है। सूरज, तारे, आकाशगंगाएं और बिजली की चमक ये सभी चीजें इसी के उदाहरण हैं।
धरती पर प्लाज्मा का इस्तेमाल पहले से ही कई जगह हो रहा है। यह नियॉन लाइट, फ्लोरोसेंट लैंप, प्लाज्मा कटिंग, वेल्डिंग, मेडिकल स्टरलाइजेशन और स्पेसक्राफ्ट प्रोपल्शन में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।
हथियार के रूप में प्लाज्मा
वीडियो गेम्स और साइंस फिक्शन फिल्मों में प्लाज्मा गन और प्लाज्मा बीम के इस्तेमाल को देखा जा सकता है। लेकिन आज के समय में अभी भी प्लाज्मा वेपन एक काल्पनिक हथियार के रूप में ही है, हकीकत में यह तकनीक अभी प्रयोगशालाओं तक ही सीमित है।
सैद्धांतिक तौर पर प्लाज्मा वेपन एक ऊर्जा हथियार के रूप में सामने है, जो कि तेज गर्मी, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक प्रभाव और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को निष्क्रिय करने की क्षमता रखता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, प्लाज्मा वेपन तीन तरह के हो सकते हैं।
- पहला प्लाज्मा प्रोजेक्टाइल
- दूसरा इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को ठप करने वाले डिसरप्टिव फील्ड हथियार
- तीसरा अत्यधिक ताप से चीजों को पिघलाने वाले थर्मल हथियार। ये बिना शोर और धमाकों के काम कर सकते हैं।


