पुणे/बारामती: एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एएलपीए इंडिया) ने बारामती विमान दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। संगठन ने आम जनता से अपील की है कि वे हादसे को लेकर अफवाह फैलाने या किसी भी तरह का कथित नैरेटिव बनाने से बचें।
बारामती एयरपोर्ट के पास बुधवार सुबह हुए इस विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के साथ-साथ दो पायलट और दो अन्य लोगों की मौत हो गई थी। यह हादसा पूरे राज्य और देश में शोक की लहर लेकर आया।
एएलपीए इंडिया ने गुरुवार को जारी बयान में कहा, “हमारा दृढ़ विश्वास है कि दोनों पायलटों ने पेशेवर नैतिकता के उच्चतम मानकों का पालन किया होगा और अपनी अंतिम सांस तक विमान और उसमें सवार सभी लोगों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किया।”
संस्था ने यह भी स्पष्ट किया कि पायलटों की योग्यता, अनुभव और समर्पण हमेशा उच्च स्तर का रहा है, और विमान दुर्घटनाओं की जांच निष्पक्ष तरीके से की जानी चाहिए। संगठन ने मीडिया और जनता से अनुरोध किया कि वे केवल आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी पर भरोसा करें और अफवाह या अटकलों पर आधारित निष्कर्ष न निकालें।
विशेषज्ञों के अनुसार, विमान हादसों की प्रारंभिक रिपोर्ट अक्सर जटिल होती है और मामले की पूरी जांच के बाद ही कारण स्पष्ट होता है। इस तरह की संवेदनशील घटनाओं में अफवाह फैलाना न केवल परिवारों के लिए दुखदायक होता है, बल्कि जांच प्रक्रिया को भी प्रभावित कर सकता है।
बारामती हादसा देश में विमान सुरक्षा और पायलटों की भूमिका पर चर्चा को फिर से सामने ला रहा है। एएलपीए इंडिया का बयान यह सुनिश्चित करता है कि पायलटों के पेशेवर प्रयासों और साहस को सम्मान मिले और हादसे की जांच निष्पक्ष ढंग से हो।


