कलकत्ता हाई कोर्ट ने बंगाल सरकार से 7,000 महिलाओं के लक्ष्मी भंडार योजना लाभ से वंचित होने की रिपोर्ट तलब की

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कोलकाता: कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम मेदिनीपुर जिले के मयना इलाके की लगभग 7,000 महिलाओं को लक्ष्मी भंडार योजना के लाभ से वंचित किए जाने के मामले में बंगाल सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए अगले दो सप्ताह के अंदर स्पष्ट रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी को होगी।

जानकारी के अनुसार, ये सभी महिलाएं मयना इलाके की बाकचार ग्राम पंचायत की निवासी हैं। इस ग्राम पंचायत पर वर्तमान में भाजपा का नियंत्रण है। हाई कोर्ट ने सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा है कि इन महिलाओं को योजना के लाभ से वंचित क्यों किया गया और इस कमी को तत्काल कैसे दूर किया जाएगा।

लक्ष्मी भंडार योजना के तहत राज्य सरकार अनुसूचित जाति/जनजाति की महिलाओं को हर महीने 1,200 रुपये और सामान्य श्रेणी की महिलाओं को 1,000 रुपये प्रदान करती है। योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सहायता देना और उनकी जीवन-स्तर में सुधार लाना है।

वंचित महिलाओं ने स्थानीय अधिकारियों पर लापरवाही और राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप लगाया है। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि योजना के लाभ से वंचित होने के मामले सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण की दिशा में गंभीर चुनौती हैं। हाई कोर्ट का आदेश यह सुनिश्चित करता है कि राज्य सरकार इस मामले में जवाबदेह रहे और सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर सहायता पहुंचाई जाए।

उल्लेखनीय है कि कलकत्ता हाई कोर्ट ने पिछली सुनवाई में राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह लक्ष्मी भंडार योजना के क्रियान्वयन और लाभ वितरण की स्थिति पर विशेष ध्यान दे। अब कोर्ट ने वंचित महिलाओं की संख्या और कारणों को स्पष्ट करने के लिए रिपोर्ट तलब की है।

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