गणतंत्र दिवस 2026 की परेड में कर्तव्य पथ ने एक ऐतिहासिक और भावुक दृश्य देखा। पहली बार भारतीय सेना का पशु दस्ता इतने बड़े और भव्य रूप में परेड का हिस्सा बना। इन ‘चार पैरों वाले मूक योद्धाओं’ की अनुशासित चाल देखकर वहां मौजूद दर्शक तालियों से उनका स्वागत करने लगे। यह अवसर भारतीय सेना के इतिहास में पहली बार दर्ज हुआ जब परेड में मूक योद्धाओं का बेड़ा शामिल हुआ।
मूक योद्धाओं का जज्बा इस विशेष दस्ते में चार शिकारी पक्षी (रैप्टर्स) ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके अलावा 10 भारतीय नस्ल के सेना के कुत्ते और 6 पारंपरिक सैन्य कुत्ते भी परेड में शामिल हुए। दो बैक्ट्रियन ऊंट और जांस्कर पोनी ने भी कदमताल कर दर्शकों का मन मोह लिया।
सबसे भावुक क्षण भारतीय सेना के कुत्तों का रहा, जिन्हें ‘मूक योद्धा’ कहा जाता है। उनकी बहादुरी और वफादारी ने परेड में मौजूद हर व्यक्ति को प्रभावित किया। उल्लेखनीय है कि भारतीय सेना ने हाल के वर्षों में भारतीय नस्लों के कुत्तों को बड़े पैमाने पर अपनाना शुरू किया है, जिससे आत्मनिर्भरता और स्वदेशी परंपरा को बढ़ावा मिला है।


