अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को गणतंत्र दिवस समारोह में शांति काल के सर्वोच्च सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कर्तव्य पथ पर आयोजित समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।
सम्मान प्राप्त करते ही शुभांशु शुक्ला की पत्नी कामना शुक्ला मुस्कुराते हुए दिखाई दीं। उनकी आंखों में खुशी के आंसू भी झलक रहे थे। इस अवसर पर वे भी समारोह में मौजूद थीं और अपने पति के पराक्रम पर गर्व महसूस कर रही थीं।
स्पेस मिशन का साहसिक योगदान कर्तव्य पथ पर शुक्ला के स्पेस मिशन की गूंज सुनाई दी। इसी मिशन में दिखाए गए उनके असाधारण साहस और पराक्रम के लिए उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है।
शुभांशु शुक्ला का करियर शुभांशु शुक्ला ने भारतीय वायुसेना में लड़ाकू विमान पायलट के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। उन्हें सुखोई-30 एमकेआई, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक, डोर्नियर और एएन-32 जैसे कई विमानों को उड़ाने का अनुभव है। अब तक वे लगभग दो हजार घंटे की उड़ान पूरी कर चुके हैं।


