वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की अध्यक्षता में आयोजित दो दिवसीय बजट पूर्व संगोष्ठी के दौरान राज्य के चार मंत्रियों और आधा दर्जन विभागों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने आगामी बजट 2026-27 को लेकर अपने विचार साझा किए।
बैठक में नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, जल संसाधन मंत्री हफीजुल हसन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। संगोष्ठी में कृषि और सिंचाई, वन एवं पर्यावरण, ग्रामीण विकास और आजीविका, नगर विकास और आवास, पथ निर्माण, उद्योग, खनन, पर्यटन तथा श्रम और कौशल विकास के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि यह बजट झारखंड के गठन की 25वीं वर्षगांठ के मौके पर प्रस्तुत होने वाला है और इसलिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार एक मजबूत, संतुलित और जनहितकारी बजट देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
संगोष्ठी के दौरान सुझावों का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि बजट को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाने के लिए विशेषज्ञों, विभागों और विभिन्न हितधारकों से इनपुट लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सोच के अनुरूप राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
फोकस का केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार रहेगा। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि बजट संतुलित होगा और आवश्यकतानुसार ही प्रविधान किए जाएंगे। उनका कहना था कि आगामी वित्त वर्ष में राज्य की सामाजिक और आर्थिक जरूरतों का ध्यान रखते हुए योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
संगोष्ठी का उद्देश्य था कि बजट में सभी विभागों की प्राथमिकताओं और जनता के हितों को समुचित रूप से शामिल किया जाए। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार हर वर्ग और क्षेत्र के विकास के लिए योजनाओं को क्रियान्वित करने के लिए तैयार है।


