स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में निर्मित सामुदायिक शौचालयों के संचालन का जिम्मा संभाल रही महिला समूहों की आमदनी बढ़ाने के लिए जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने एक नवाचार की शुरुआत की है। इस पहल के तहत अब सामुदायिक शौचालयों के समीप स्वच्छता प्रतिष्ठान-सेनेटरी मार्ट का निर्माण कराया जाएगा।
प्रथम चरण में 86 ग्राम पंचायतों में इन प्रतिष्ठानों के निर्माण की योजना तैयार की गई है। प्रत्येक प्रतिष्ठान पर लगभग 90 हजार रुपये खर्च होंगे और कुल 77.40 लाख रुपये की लागत से यह परियोजना पूरी की जाएगी।
जिले की सभी 546 ग्राम पंचायतों में कहीं एक तो कहीं दो सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं। इन शौचालयों का संचालन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित महिला समूहों से जुड़ी महिलाओं को सौंपा गया है। उन्हें केयर टेकर के रूप में तैनात किया गया है और प्रति माह छह हजार रुपये मानदेय दिया जाता है।
जिलाधिकारी की इस पहल से उम्मीद है कि शौचालयों के संचालन के साथ-साथ सेनेटरी मार्ट से जुड़कर महिलाएं अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता जागरूकता भी बढ़ेगी और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम साबित होगा।


