पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) एक बार फिर अपने असमंजस भरे फैसलों को लेकर सुर्खियों में है। बोर्ड के भीतर स्पष्टता की कमी और लगातार बदलते रुख ने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है।
आईसीसी द्वारा बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर किए जाने के बाद पीसीबी चेयरमैन ने संकेत दिए थे कि पाकिस्तान भी टूर्नामेंट का बहिष्कार कर सकता है। इस बयान ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी। हालांकि, आईसीसी ने पीसीबी को चेतावनी जारी की और इसके बाद पाकिस्तान टीम का वर्ल्ड कप के लिए आधिकारिक एलान भी कर दिया गया।
ऐसा लगा कि अब पाकिस्तान की भागीदारी तय हो गई है, लेकिन चयनकर्ता आकिब जावेद ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का वर्ल्ड कप में खेलना अभी पक्का नहीं है। इस बयान ने एक बार फिर पीसीबी की कार्यप्रणाली और निर्णय लेने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि पीसीबी के भीतर समन्वय की कमी और विरोधाभासी बयानबाजी से खिलाड़ियों और प्रशंसकों में असमंजस की स्थिति पैदा हो रही है। वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले इस तरह की अनिश्चितता पाकिस्तान क्रिकेट के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है।


