महाराष्ट्र के बुलधाना जिले में स्थित ऐतिहासिक और रहस्यमयी लोनार झील एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। झील के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने इस पर याचिका दायर करने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट की नागपुर बेंच के अनुसार, लोनार झील का लगातार बढ़ता जलस्तर वहां मौजूद जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खतरा बन सकता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि झील के पानी का स्तर पिछले साल सितंबर माह से लगातार बढ़ रहा है, जिससे आसपास के पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
20 फीट तक बढ़ चुका है जलस्तर
जानकारी के अनुसार, लोनार झील के चारों ओर चार बड़े प्राकृतिक झरने मौजूद हैं, जिनसे साल भर पानी बहता रहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन्हीं झरनों के कारण झील के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्तमान स्थिति में झील में 15 से 20 फीट तक पानी बढ़ चुका है, जो चिंता का विषय माना जा रहा है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो इससे झील की विशिष्ट खारी जल संरचना, वनस्पतियों और जीव-जंतुओं पर गंभीर असर पड़ सकता है। कोर्ट के निर्देश के बाद अब इस मुद्दे पर विस्तृत जांच और रिपोर्ट तैयार किए जाने की संभावना है।
लोनार झील, जो अपने उल्कापिंड से बने होने के कारण विश्वभर में प्रसिद्ध है, उसके संरक्षण को लेकर अब प्रशासन और पर्यावरणविदों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।


