सासनी गेट क्षेत्र की दामोदर कॉलोनी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। कॉलोनी में रहने वाले तीन लोगों पर आरोप है कि उन्होंने एक कुत्ते को बेरहमी से डंडों से पीट-पीटकर मार डाला। आरोप है कि इस दौरान कुत्ते की आंख भी बाहर निकाल दी गई और बाद में उसकी जान ले ली गई।
इस घटना की जानकारी मिलने पर जीव दया फाउंडेशन ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया और थाना सासनी गेट में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। संस्था की संस्थापक आशा सिसोदिया ने बताया कि न केवल कुत्ते को मार दिया गया बल्कि उसके बच्चों को भी जंगल में ले जाकर दूर फेंक दिया गया।
जब यह बात जीव दया फाउंडेशन तक पहुंची तो संगठन ने तुरंत गो रक्षा दल से संपर्क किया। सचिन राघव और उनके साथियों ने थाना सासनी गेट जाकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की मदद से उन मासूम पिल्लों को वापस लाने में सफलता मिली।
संस्था की ओर से कहा गया कि यदि किसी सोसाइटी में आवारा कुत्तों को लेकर समस्या है तो उसका समाधान हिंसा नहीं है। इसके लिए नगर निगम से संपर्क कर नसबंदी कराई जा सकती है। संस्था ने स्पष्ट किया कि जानवरों के साथ इस तरह का अमानवीय व्यवहार न केवल कानूनन अपराध है बल्कि समाज की संवेदनशीलता पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है।
इस घटना के दौरान कल्पना वार्ष्णेय, गीता मित्तल, अभिषेक सिंह और देवेश वार्ष्णेय भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जानवरों के साथ इस तरह की क्रूरता अस्वीकार्य है और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। वहीं संस्था ने यह भी कहा कि यदि इस तरह की घटनाओं पर रोक नहीं लगाई गई तो समाज में हिंसा और असंवेदनशीलता का माहौल और बढ़ेगा।
पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
यह घटना एक बार फिर इस सवाल को सामने लाती है कि क्या समाज में जानवरों के प्रति संवेदनशीलता पर्याप्त है। जीव दया फाउंडेशन और अन्य सामाजिक संगठन लगातार यह मांग करते रहे हैं कि आवारा पशुओं के लिए उचित व्यवस्था की जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।


