राहुल गांधी ने जी-राम-जी गारंटी स्कीम का विरोध किया, भाजपा ने उठाया सवाल

2.0kViews
1987 Shares

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मनरेगा के स्थान पर लाए गए नए रोजगार कानून जी-राम-जी गारंटी स्कीम का विरोध करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस नए कानून का सही नाम भी पता नहीं है।

राहुल गांधी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) पर फोकस किए गए एक इवेंट में कहा, “मुझे नहीं पता जी-राम-जी क्या है!” इस अवसर पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इसी तरह की प्रतिक्रिया दी और नए कानून को लेकर अस्पष्टता व्यक्त की।

भाजपा ने राहुल गांधी की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस नेता का यह बयान उनकी हिंदू विरोधी मानसिकता को उजागर करता है और सरकार के ग्रामीण रोजगार सुधारों पर हमला है। पार्टी ने आरोप लगाया कि विपक्ष नए कानून की गंभीरता को समझने की बजाय राजनीतिक रोटियां सेकने में लगा हुआ है।

विश्लेषकों का कहना है कि मनरेगा का स्थान लेने वाली इस नई जी-राम-जी गारंटी स्कीम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सुनिश्चित करना और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। भाजपा ने इस स्कीम को देश में ग्रामीण रोजगार को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

कांग्रेस की आलोचना के बीच सरकार ने स्पष्ट किया है कि जी-राम-जी स्कीम का लक्ष्य ग्रामीण कामगारों को रोजगार और वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि यह नई गारंटी योजना मनरेगा के लाभों को और अधिक प्रभावी तरीके से ग्रामीण इलाकों तक पहुँचाएगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राहुल गांधी की टिप्पणी ने विपक्ष को राजनीतिक बहस में उलझा दिया है, जबकि सरकार इस कानून के कार्यान्वयन और लाभ पर जोर दे रही है।

इस विवाद के बाद ग्रामीण रोजगार और नई गारंटी स्कीम पर चर्चा बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान राजनीति में बहस को बढ़ावा दे सकते हैं, लेकिन ग्रामीण जनता तक योजना के वास्तविक लाभ पहुँचाने की जिम्मेदारी भी सभी दलों पर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *