गणतंत्र केवल संविधान से संचालित नहीं होता, बल्कि उन नागरिकों से भी सशक्त होता है जो व्यवस्था को नई दिशा देते हैं। ऐसे लोग जो सुरक्षित नौकरी छोड़कर जोखिम उठाते हैं और अपने प्रयासों से समाज के लिए अवसर पैदा करते हैं। दादरी शहर के गांधी नगर निवासी विशाल इसी श्रेणी के प्रेरणादायी व्यक्तित्व हैं।
करीब आठ वर्ष पहले उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर तीन दोस्तों के साथ मिलकर एक स्टार्टअप की नींव रखी। आज उनका यह स्टार्टअप फ्लीटएक्स देश के लाजिस्टिक तंत्र की अहम पहचान बन चुका है।
फ्लीटएक्स की सफलता
वर्ष 2017 में महज 50 लाख रुपये की वैल्यू से शुरू हुई यह कंपनी आज 1250 करोड़ रुपये की वैल्यू तक पहुंच चुकी है। फ्लीटएक्स ने केवल तकनीकी समाधान ही नहीं दिए, बल्कि रोजगार, पारदर्शिता और सुरक्षा का एक मजबूत मॉडल भी प्रस्तुत किया है।
रोजगार का अवसर
इस स्टार्टअप ने अब तक 600 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराया है। कंपनी की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि सही दृष्टिकोण और साहस से शुरू किया गया प्रयास न केवल व्यक्तिगत बल्कि सामाजिक स्तर पर भी बदलाव ला सकता है।
निष्कर्ष
विशाल और उनके साथियों का यह सफर उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सुरक्षित नौकरी छोड़कर जोखिम उठाने का साहस रखते हैं। फ्लीटएक्स की उपलब्धि यह संदेश देती है कि नवाचार और दृढ़ संकल्प से देश के आर्थिक और सामाजिक ढांचे को नई दिशा दी जा सकती है।


