जनता दर्शन में आने वाले पीड़ितों की समस्याओं और शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय में जनता दर्शन के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और गरीब परिवारों की समस्याओं को गंभीरता से लेकर त्वरित निस्तारण करने पर जोर दिया, ताकि उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
जनता दर्शन में सुनवाई
सोमवार को आयोजित जनता दर्शन में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी ने एक-एक कर सभी शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता दर्शन का उद्देश्य ही यही है कि आमजन की समस्याओं का समाधान शीघ्र और प्रभावी तरीके से हो।
त्वरित निस्तारण के उदाहरण
जनता दर्शन के दौरान प्राप्त शिकायतों में से कुछ मामलों का मौके पर ही त्वरित निस्तारण कराया गया। इससे पीड़ितों को तत्काल राहत मिली। वहीं, जिन मामलों में विस्तृत जांच या अन्य विभागों की कार्रवाई आवश्यक थी, उन्हें संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए निर्धारित समय सीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
प्राथमिकता पर समाधान
जिलाधिकारी ने कहा कि बुजुर्गों, महिलाओं और गरीब परिवारों की समस्याओं को प्राथमिकता पर लिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन वर्गों की शिकायतों को गंभीरता से सुनें और जल्द से जल्द समाधान करें। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी पीड़ित को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की नौबत नहीं आनी चाहिए।
जवाबदेही तय
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि किसी शिकायत के निस्तारण में लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता दर्शन में आने वाले लोग उम्मीद लेकर आते हैं और उनकी समस्याओं का समाधान प्रशासन की जिम्मेदारी है।
निष्कर्ष
जनता दर्शन में जिलाधिकारी शैलेष कुमार के निर्देशों से स्पष्ट है कि प्रशासन आमजन की समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर है। त्वरित निस्तारण और प्राथमिकता पर समाधान की व्यवस्था से लोगों को राहत मिलेगी और प्रशासन पर जनता का विश्वास और मजबूत होगा।


