बीएमसी में बीजेपी की जीत के बाद मेयर पद को लेकर सियासत तेज, एकनाथ शिंदे ने बढ़ाया दबाव
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की बंपर जीत ने शहर की सियासत में हलचल मचा दी है। पिछले 25 वर्षों तक ठाकरे परिवार का लगातार कब्जा रहने के बाद अब उनके नियंत्रण का अंत हो गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अब मेयर का पद किसके हाथ जाएगा।
227 सदस्यों वाली बीएमसी में बहुमत के लिए 114 सीटों की आवश्यकता होती है। एनडीए गठबंधन के पास कुल 117 सीटें हैं, जो बहुमत के लिहाज से पर्याप्त लगती हैं।
लेकिन इस आंकड़े में भी एक ट्विस्ट मौजूद है। बीजेपी ने 88 वार्डों में जीत दर्ज कर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर मैदान में कदम रखा है, वहीं शिवसेना (एकनाथ शिंदे) ने 29 वार्डों पर जीत हासिल की है।
सियासी विश्लेषकों का कहना है कि बिना शिवसेना के सहयोग के बीएमसी में अकेले सत्ता संभालना बीजेपी के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। सूत्रों के हवाले से खबर है कि एकनाथ शिंदे अपने मेयर पद को सुनिश्चित करने के लिए बीजेपी पर दबाव डाल सकते हैं, जिससे सत्ता के समीकरण और अधिक जटिल हो सकते हैं।


