भाजपा नेता और रामपुर कारखाना के पूर्व विधायक कमलेश शुक्ला का शनिवार, दोपहर लगभग 2 बजे उत्तराखंड के रुद्रपुर स्थित मेडिसिटी अस्पताल में हृदय गति रुक जाने से निधन हो गया। 75 वर्षीय शुक्ला लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनका अंतिम संस्कार रविवार को हरिद्वार में होगा। यह जानकारी उनके ज्येष्ठ पुत्र और भाजपा नेता डॉ. संजीव शुक्ला ने दी।
उनके निधन की खबर मिलते ही देवरिया और रुद्रपुर में शोक की लहर फैल गई। कमलेश शुक्ला वर्ष 2017 में रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र (देवरिया) से विधायक चुने गए थे।
शुक्ला मूल रूप से देवरिया जिले के भेड़ी शुक्ल गांव के निवासी थे और उत्तराखंड को उन्होंने अपनी कर्मभूमि बनाया। उनका सार्वजनिक जीवन लंबा और सक्रिय रहा।
वे कई संगठनों से जुड़े थे। वे उत्तर प्रदेश राइस मिलर संगठन के कई बार अध्यक्ष रहे और अखिल भारतीय राइस मिलर संगठन के उपाध्यक्ष पद का दायित्व भी निभाया। इसके अलावा वे उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के संयोजक भी रहे।
कमलेश शुक्ला गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय की कार्य समिति के सदस्य के रूप में विश्वविद्यालय की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास कर चुके थे।
वे तीन भाई और एक बहन के परिवार में जन्मे थे। उनके तीन पुत्र और एक पुत्री हैं। उनके ज्येष्ठ पुत्र डॉ. संजीव शुक्ला भाजपा नेता हैं, मंझले पुत्र राजीव शुक्ला और कनिष्ठ पुत्र अनूप शुक्ला रुद्रपुर, उत्तराखंड में रहते हैं।
उनके निधन पर सांसद शशांक मणि, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व सांसद डॉ. रमापति राम त्रिपाठी, विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी समेत कई राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक और व्यापारिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

