भटवाड़ी में अंगीठी का धुआँ बना जानलेवा, एक व्यक्ति की मौत

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भटवाड़ी विकासखंड के चामकोट गांव में अंगीठी के धुएँ से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से बीमार होकर जिला अस्पताल में उपचाराधीन है। चिकित्सकों ने उसकी हालत खतरे से बाहर बताई है।

जिला आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम की जानकारी के अनुसार, डुंडा के बीरपुर निवासी प्रमोद जोशी (36) पुत्र नत्थी प्रसाद जोशी और सुरेश चंद्र (50) पुत्र बिंदी लाल चामकोट गांव के एक निजी भवन में श्रमिक के रूप में कार्यरत थे। ठंड से बचाव के लिए उन्होंने कमरे में अंगीठी जलाई थी।

बीते गुरुवार को काम खत्म होने के बाद दोनों ने अंगीठी जलाई और कमरे की खिड़कियाँ व दरवाजे बंद कर सो गए। सुबह लगभग साढ़े आठ बजे उसी भवन में बिजली फिटिंग का काम करने आए हरीश भट्ट ने देखा कि दोनों काम शुरू नहीं कर रहे हैं। कमरे से आवाज देने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर उन्होंने तत्काल 112 को सूचित किया।

सुरक्षा कारणों और ठंड से बचाव के लिए अंगीठी का इस्तेमाल अक्सर किया जाता है, लेकिन यह घटना लोगों के लिए चेतावनी है कि बंद कमरे में अंगीठी जलाना जानलेवा साबित हो सकता है।

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