वर्ष 2026 की शुरुआत में ही खगोलविदों के लिए एक दुर्लभ और आकर्षक खगोलीय घटना का आगमन होने वाला है। 10 जनवरी, शनिवार को पृथ्वी, सूर्य और सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति (जुपिटर/गुरु) एक सीधी रेखा में आ जाएंगे। इस स्थिति के कारण बृहस्पति सामान्य दिनों की तुलना में अधिक चमकीला और बड़ा दिखाई देगा।
विज्ञान प्रसारक और नेशनल अवॉर्ड विजेता सारिका घारू ने बताया कि यह खगोलीय संयोग शनिवार दोपहर 2 बजकर 4 मिनट पर आएगा। इस समय बृहस्पति और पृथ्वी के बीच की दूरी लगभग 63 करोड़ 30 लाख 76 हजार किलोमीटर रहेगी। बृहस्पति की इस निकटता को वर्ष का श्रेष्ठ “गुरुदर्शन” अवसर माना जा रहा है, जब खगोल प्रेमी इसे खुले आसमान में बिना दूरबीन के भी देख सकेंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस दौरान बृहस्पति की चमक सामान्य से कई गुना अधिक नजर आएगी और यह सूर्यास्त के तुरंत बाद भी आसानी से दिखाई देगा। खगोलीय घटनाओं में रुचि रखने वाले लोग इस अवसर का लाभ उठाकर बृहस्पति का अद्वितीय दर्शन कर सकते हैं।

