सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के आरोप में व्यक्ति को किया बरी, हाई कोर्ट और ट्रायल कोर्ट पर उठाया सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हत्या के आरोप में फंसे एक व्यक्ति को बरी कर दिया और कहा कि यह ऐसा मामला था जिसमें हाई कोर्ट और ट्रायल कोर्ट को आरोपी को संदेह का लाभ देना चाहिए था।
न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची बागची की पीठ ने यह फैसला अंजनी सिंह द्वारा जुलाई 2019 में इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई के दौरान सुनाया। हाई कोर्ट ने बलिया के ट्रायल कोर्ट द्वारा हत्या और अन्य आपराधिक आरोपों में आरोपी को दोषी ठहराए जाने के फैसले को पहले बरकरार रखा था।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि सबूतों और परिस्थितियों के आधार पर आरोपी को संदेह का लाभ दिया जाना चाहिए था, जिससे उसकी बरी होने की जरूरत बन गई। यह फैसला न्यायिक प्रक्रिया में संदेह का लाभ देने के सिद्धांत को मजबूत करता है।

