देश का सबसे साफ शहर माने जाने वाला इंदौर पिछले कुछ दिनों से दूषित पानी को लेकर सुर्खियों में है। इस पानी के सेवन से कई लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कुछ मरीज अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।
पानी के सैंपल टेस्ट में पाया गया कि फीकल कोलिफार्म बैक्टीरिया के कारण लोग हैजा, टाइफाइड और हेपेटाइटिस-ए जैसी गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। अब यह बैक्टीरिया बोरिंग के पानी तक भी पहुंच गया है, जिससे संकट और गहरा गया है।
इंदौर के भागीरथीपुरा इलाके में गंदे पानी की सप्लाई होने के बाद पूरे शहर में हाहाकार मच गया। नर्मदा जल के सैंपल में मल-मूत्र की पुष्टि होने के बाद नगर निगम ने बोरिंग के पानी के सैंपल लिए, जो जांच में फेल हो गए।
नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में सुरक्षा उपाय और पानी की सफाई के निर्देश जारी किए हैं, लेकिन नागरिकों के लिए फिलहाल सतर्क रहना जरूरी है।

