सुप्रीम कोर्ट ने अवैध और अनधिकृत वेंडरों को हटाने के लिए नगर निगम को प्रारंभ में 48 घंटे का समय दिया था। निगम के अनुरोध पर इसे बढ़ाकर एक सप्ताह कर दिया गया। लेकिन एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद शहर में स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं देखा गया है। विभिन्न मार्केट, पार्किंग, फुटपाथ और कॉरिडोर में अवैध वेंडर अब भी खुलेआम मौजूद हैं, जिससे नगर निगम की कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।
नगर निगम ने अब पुलिस विभाग को निर्देश दिए हैं कि ऐसे वेंडरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। निगम अवैध वेंडरों की सूची तैयार कर रहा है, जिसे पुलिस को सौंपा जाएगा। इसके बाद, यदि वेंडर 24 घंटे के भीतर हटने से इनकार करते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार ने एंफोर्समेंट विंग को इस सूची को तुरंत तैयार करने और यह निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं कि कौन वेंडर वैध हैं और कौन अवैध। अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से नगर निगम की कार्रवाई में पारदर्शिता बढ़ेगी और शहर में अवैध वेंडरों की समस्या को नियंत्रित किया जा सकेगा।

