फार्मर आईडी बनवाएं, बिना बार-बार दस्तावेज दिए हर योजना का उठाएं लाभ

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 किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में होने वाली परेशानी को खत्म करने के उद्देश्य से एग्री स्टेक परियोजना के तहत बड़ी पहल की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत एक बार फार्मर रजिस्ट्रेशन और ई-केवाईसी कराने के बाद किसानों को किसी भी सरकारी योजना के लिए बार-बार दस्तावेज जमा नहीं करने पड़ेंगे। निबंधन के बाद हर किसान को एक यूनिक फार्मर आईडी दी जाएगी, जिसके जरिए सभी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सकेगा।

बुधवार को जिला पदाधिकारी डा. त्यागराजन एसएम की अध्यक्षता में एग्री स्टेक परियोजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीएम ने जिले में फार्मर रजिस्ट्रेशन और ई-केवाईसी की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को तेजी लाने का स्पष्ट निर्देश दिया।

उन्होंने बताया कि जिले में कुल करीब एक लाख 48 हजार किसान हैं, लेकिन अब तक 48 हजार से भी कम किसानों का फार्मर रजिस्ट्रेशन या ई-केवाईसी हो पाया है। विशेष रूप से बेलछी प्रखंड का प्रदर्शन काफी खराब पाया गया।

डीएम ने कहा कि किसानों को सुविधा देने और अधिक से अधिक पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए 6, 7, 8 और 9 जनवरी को जिले की प्रत्येक पंचायत में फार्मर रजिस्ट्रेशन सह ई-केवाईसी शिविर लगाए जाएंगे।

इन शिविरों में किसान एक ही स्थान पर अपने सभी जरूरी कार्य पूरे कर सकेंगे। पंजीयन के लिए किसानों को आधार कार्ड, जमीन की रसीद की छायाप्रति और मोबाइल नंबर साथ लाना अनिवार्य होगा।

जिला कृषि पदाधिकारी अविनाश शंकर को निर्देश दिया गया कि शिविरों के प्रचार-प्रसार की समुचित व्यवस्था की जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान इसमें शामिल हो सकें।

शिविरों में किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक के साथ-साथ राजस्व विभाग के कर्मी भी मौजूद रहेंगे, जिससे पंजीकरण की प्रक्रिया सुचारु और त्वरित रूप से पूरी हो सके।

डीएम ने किसानों से अपील की कि वे निर्धारित तिथियों में अपनी पंचायतों में आयोजित शिविरों में अवश्य पहुंचें और ई-केवाईसी व फार्मर रजिस्ट्रेशन कराएं।

उन्होंने कहा कि फार्मर आईडी बनने के बाद जैसे ही किसान किसी योजना के लिए आवेदन करेंगे, उनके सभी दस्तावेज स्वतः सिस्टम में अपलोड हो जाएंगे, जिससे समय की बचत होगी और पारदर्शिता भी बनी रहेगी।

फार्मर आईडी से मिलने वाले प्रमुख लाभ

फार्मर आईडी के माध्यम से किसान किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनवा सकेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ आसानी से ले पाएंगे। फसल सहायता योजना में आवेदन प्रक्रिया सरल होगी और कृषि विभाग की सभी योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचेगा। प्रशासन का मानना है कि यह व्यवस्था किसानों के हित में मील का पत्थर साबित होगी और सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ समय पर मिल सकेगा।

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