‘यह स्थिति बर्दाश्त के काबिल नहीं’, CM हेमंंत सोरेन ने प्रदूषण पर जताई नाराजगी, तत्काल कार्रवाई के निर्देश

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 झारखंड के रामगढ़ जिले में प्रदूषण की स्थिति और इसके बढ़ते दुष्परिणाम को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खासा गंभीर हैं। इस मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज को स्पष्ट आदेश दिया कि यह स्थिति बिल्कुल बर्दाश्त के काबिल नहीं है।

मुख्यमंत्री ने इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने और न्यायोचित कार्रवाई कर सूचना देने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री से मिले आदेश के बाद उपायुक्त फैज अहमद ने मामले पर त्वरित संज्ञान लेते हुए प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अधिकारियों को जिले के मांडू प्रखंड के मांडू थाना अंतर्गत कुजू ओपी के बुढ़ाखाप स्थित आलोक स्टील फैक्ट्री भेजा और अग्रतर कार्रवाई का निर्देश दिया है।

वायरल वीडियो के बाद बढ़ी चिंता

जानकारी के अनुसार इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें कुजू ओपी क्षेत्र के बुढ़ाखाप स्थित आलोक स्टाल फैक्ट्री से होने वाले प्रदूषण का दुष्प्रभाव दिखाया। वीडियो में स्थानीय युवा यह दर्शा रहा है कि कैसे फैक्ट्री से निकलने वाले प्रदूषण से कैसे उसके खेत व आसपास के जंगल बर्बाद हो रहे हैं।

खेतों में पौधों पर कई स्तर की काली परत जम जा रही है। आसपास के जंगल पेड़ पौधे से काली परत से पटे पड़े हैं। वीडियो में स्पष्ट कहा गया कि कहीं भी प्लांट स्थापित होता है तो वहां सामुदायिक विकास का कार्य होता है लेकिन यहां केवल प्रदूषण फैलाया जा रहा है।

अगर प्रदूषण नहीं है तो फैक्ट्री मालिक फैक्ट्री पास ही उन्हें घर और जमीन देते हैं वे अपने स्वजनों के साथ आकर रहें। फैक्ट्री मालिकों व उनके स्वजनों के लिए प्रदूषण है, इसलिए वे और उनके परिवार के लोग दूसरे शहरों में रहते हैं।

गोरखधंधा कर अधिक कमाई के लिए केवल हमलोगों को असमय मारने के लिए और खेतों व जंगलों को नष्ट करने के लिए प्रदूषण फैला रहे हैं।

प्रदूषण को लेकर आंदाेलनरत हैं जिले के लोग

रामगढ़ जिले के लोग प्रदूषण को लेकर आंदोलनरत हैं। जब उन्हें जन प्रतिनिधियों से कोई सहयोग नहीं मिला तो वे खुद ही सड़क पर उतर गए। शहरी इलाके में बीएफसीएल के प्रदूषण के खिलाफ वे लगातार आंदोलन की रूप रेखा तैयार कर रहे हैं।

प्रदूषण ही नहीं अवैध कोयला खपाने का अड्डा बनी हैं फैक्ट्रियां

स्थानीय लोगों की शिकायत है कि इस फैक्ट्री में प्रदूषण के नियमों का तो पालन होता नहीं है। साथ ही बड़े पैमाने पर तस्करी किए गए अवैध कोयले को खपाया जाता है। या यह कहा जाए कि कोयला चोरी के लिए ही रामगढ़ जिले में ऐसी फैक्ट्रियां खुली हैं, तो गलत नहीं होगा।

रात होते ही रामगढ़, बोकारो और हजारीबाग आदि जिलों से तस्करी किया गया कोयला फैक्ट्री और इसी से जुड़े रामगढ़ व इससे सटे हजारीबाग जिला अंतर्गत तीन फैक्ट्र्रियों में प्रतिदिन खपाया जाता है।

लोगों का कहना है कि रात में चलने वाले गोरखधंधे को फैक्ट्री के सीसीटीवी को खंगालने पर देखा जा सकता है। इसके अलावा आसपास सीसीटीवी लगाकर इसकी निगरानी कराई जा सकती है। इसके अलावा प्रदूषण है सो अलग से। अगर प्रदूषण नहीं है तो परिवार सहित फैक्ट्री मालिक व अन्य फैक्ट्री के अधिकारी आसपास मकान लेकर रहें।

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