ED के शिकंजे में तमिलनाडु के मंत्री, 1,020 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप; क्या है पूरा मामला?

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 प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तमिलनाडु के नगर प्रशासन और जल आपूर्ति मंत्री केएन नेहरू के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए राज्य सरकार को एक नया दस्तावेज भेजा है।

ईडी सूत्रों के अनुसार, मंत्री पर 1,020 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप हैं। ये आरोप टेंडर में हेरफेर से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसी ने राज्य सरकार से इस मामले में नई FIR दर्ज करने की मांग की है।

मंत्री के विभाग में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। टेंडर्स खुलने से पहले ही सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स में हेराफेरी की गई।

टॉयलेट बनाने और काम की आउटसोर्सिंग सहित कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स के लिए पहले से तय कॉन्ट्रैक्टर्स को 7.5% से 10% रिश्वत लेकर दिए गए। जांच एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि भुगतान नकद और हवाला लेनदेन के जरिये किए गए।

सबूतों से भरा 258 पेज का दस्तावेज

ईडी ने तमिलनाडु सरकार को भेजे गए 258 पेज के दस्तावेज में 300 से अधिक तस्वीरें शामिल की हैं। ये दस्तावेज कथित सौदों के स्क्रीनशॉट और फोटोग्राफ्स हैं।

सूत्रों के अनुसार, इनमें अनुबंधों की पूरी जानकारी, भुगतानकर्ताओं के नाम, अनुबंध मूल्य का विवरण, पंचायतों के नाम, दी गई रिश्वत और बकाया रकम का जिक्र किया गया है। एक ईडी सूत्र ने एनडीटीवी को बताया, ‘हमने कैलकुलेशन शीट और उससे जुड़े मैसेज इकट्ठा कर लिए हैं।’

यह सबूत मंत्री के भाइयों की संपत्तियों की तलाशी के दौरान जब्त मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों से जुटाया गया है। ये लोग ‘ट्रू वैल्यू होम्स’ नाम की एक निर्माण कंपनी चलाते हैं। यह जांच मूल रूप से 30 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले से जुड़ी थी, जिसे बाद में बंद कर दिया गया था।

पहले डोजियर में नौकरियों में घोटाला

इससे पहले ईडी ने राज्य सरकार को एक और दस्तावेज भेजा था, जिसमें मंत्री के विभाग में कैश-फॉर-जॉब्स घोटाले का खुलासा किया गया था।

इसमें सहायक इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर और टाउन प्लानिंग अधिकारी पदों के लिए 150 उम्मीदवारों से 25 लाख से 35 लाख रुपये की रिश्वत ली गई। इसके तहत कुल 2,400 नियुक्तियां की गईं थीं।

मंत्री और डीएमके का जवाब

मंत्री केएन नेहरू ने पहले आरोपों का खंडन करते हुए उन्हें ‘पॉलिटिकली मोटिवेटेड’ बताया था। उन्होंने कहा था कि ‘अन्ना यूनिवर्सिटी ने नौकरियों के लिए एग्जाम लिया था, और एप्लिकेंट्स से एक भी शिकायत नहीं मिली थी।’

उन्होंने ईडी पर आरोप लगाया कि बैंक धोखाधड़ी मामले में कुछ नहीं मिलने पर वे फर्जी मामले गढ़ रही है। फिलहाल नए दस्तावेज पर अभी मंत्री की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। सत्तारूढ़ डीएमके ने इसे एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट का चुनाव के समय का स्टंट करार दिया है, जिसका केंद्र सरकार दुरुपयोग कर रही है।

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